Nepal Flood: नेपाल बाढ़ में तबाही के बीच भारत सबसे पहले पहुंचा, 12 घंटे में भेजी राहत

नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने तेजी से राहत अभियान शुरू किया। त्रासदी के करीब 12 घंटे के भीतर भारतीय वायुसेना का C-130J विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा। शुक्रवार तक भारत नेपाल को कुल 62 टन राहत सामग्री भेज चुका था। पीएम मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर मदद का भरोसा दिया।

Nepal Flood

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 28, 2026

Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 1500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में नेपाल की मदद के लिए कई देश आगे आए हैं, लेकिन भारत ने सबसे तेजी से राहत अभियान शुरू किया।

भारत ने करीब 12 घंटे के भीतर ही भेजी राहत सामग्री

भारत ने नेपाल में त्रासदी के करीब 12 घंटे के भीतर ही राहत सामग्री भेज दी। आपदा के बाद तेजी से प्रतिक्रिया देने वाले देश के रूप में भारत ने मानवीय सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय वायुसेना का C-130J विमान बुधवार रात करीब 8:35 बजे 10 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ और उसी रात राहत की पहली खेप काठमांडू पहुंच गई।

नेपाल बाढ़ राहत अभियान में भारत की त्वरित कार्रवाई

भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के जरिए भेजी गई राहत सामग्री में आपदा प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान शामिल था। भारत की ओर से इतनी कम अवधि में राहत सामग्री भेजे जाने को दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और आपदा के समय तत्काल सहायता पहुंचाने की नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।भारत की इस त्वरित पहल से नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान को शुरुआती दौर में ही जरूरी सहायता मिली। भारतीय एजेंसियां नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत प्रयासों को आगे बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से की बात

नेपाल में बाढ़ की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की राहत और बचाव टीमें नेपाल के साथ समन्वय कर काम कर रही हैं। इस बातचीत के जरिए भारत ने संकट की घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़े रहने का संदेश दिया।

नेपाल को भारत की राहत सहायता लगातार जारी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी नेपाल के लिए भारत की मानवीय सहायता की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत ने शुरुआत में 10 टन राहत सामग्री भेजी और कहा कि भारत नेपाल तथा उसके लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।इसके बाद गुरुवार को राहत सामग्री की दूसरी खेप नेपाल भेजी गई। इसमें जरूरी दवाइयों के साथ खाद्य सामग्री भी शामिल थी। हवाई मार्ग से भेजी गई राहत सामग्री की मात्रा बढ़कर 47.5 टन हो गई। शुक्रवार दोपहर तक भारत की ओर से नेपाल को कुल 62 टन राहत सामग्री भेजे जाने की जानकारी सामने आई।

आपदा राहत में भारत का रिकॉर्ड, कई देशों तक पहुंची मदद

भारत की नेपाल के लिए त्वरित सहायता को उसकी व्यापक आपदा राहत नीति का हिस्सा माना जा रहा है। पिछले वर्षों में भी भारत ने अलग-अलग देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है।कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने कई देशों को टीके उपलब्ध कराए। इसके अलावा 2023 में तुर्किये और सीरिया में आए भूकंप, 2024 में म्यांमार की आपदा और 2025 में श्रीलंका में आए चक्रवात के दौरान भी भारत की ओर से सहायता पहुंचाई गई।

मानवीय सहायता में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका

2026 में वेनेजुएला में आई आपदा के दौरान भी भारत के राहत प्रयासों का जिक्र किया गया है। इसी क्रम में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की तेज प्रतिक्रिया को उसकी ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ नीति की एक और मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। नेपाल इस समय भारी तबाही से जूझ रहा है और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में भारत की ओर से लगातार भेजी जा रही राहत सामग्री और मानवीय सहायता दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ आपदा के समय क्षेत्रीय साझेदारी की अहमियत को भी सामने ला रही है।