Nepal Elections 2026: आज नेपाल में मतदान, Gen Z आंदोलन के बाद राजनीतिक बदलाव की संभावना

नेपाल में आज 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए मतदान हो रहा है। यह चुनाव सितंबर 2025 के 'Gen Z' आंदोलन के बाद पहला बड़ा राजनीतिक लिटमस टेस्ट है, जिसमें भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ युवाओं के आक्रोश ने तत्कालीन सरकार को उखाड़ फेंका था।

Nepal Elections 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 5, 2026

Nepal Elections 2026: नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव हो रहे हैं, जो ऐतिहासिक महत्व के हैं। यह पहला चुनाव है जो सितंबर 2025 में युवाओं के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस आंदोलन में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और खराब शासन के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे, जिनमें 77 लोगों की जान गई और सरकार को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद संसद भंग कर दी गई और चुनाव छह महीने के भीतर कराए जाने का निर्णय लिया गया।

West Asia Crisis: युद्ध के बीच सुरक्षित रहेंगे भारतीय, विदेश मंत्रालय का बड़ा कदम, जानें इमरजेंसी नंबर!

युवा मतदाताओं की बढ़ती भूमिका

Nepal Elections 2026
आज नेपाल में मतदान

नेपाल की कुल आबादी लगभग 3 करोड़ है, जिनमें से करीब 1.89 करोड़ लोग वोट डालने के योग्य हैं। इनमें लगभग 10 लाख नए युवा मतदाता शामिल हैं। यही कारण है कि इस चुनाव को Gen Z चुनाव भी कहा जा रहा है। इस बार युवाओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है, और राजनीतिक दल उनकी उम्मीदों को ध्यान में रखकर रणनीति बना रहे हैं।

चुनाव की संरचना और उम्मीदवार

नेपाल में 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा के लिए मतदान हो रहा है। इनमें से 165 सांसद सीधे वोट से चुने जाएंगे और 110 सांसद आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से चयनित होंगे। कुल 6,541 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 4,380 पुरुष और 2,160 महिलाएं शामिल हैं। देशभर में मतदान के लिए 23,112 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

नेपाली चुनाव प्रणाली में प्रत्येक मतदाता को दो वोट देने का अधिकार है: एक अपने क्षेत्र के उम्मीदवार के लिए और दूसरा पार्टी सूची के लिए। संविधान के अनुसार संसद में महिलाओं की भागीदारी कम से कम एक तिहाई होनी जरूरी है। इसलिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व सूची में कम से कम 50% उम्मीदवार महिलाएं हैं। इसके अलावा, दलित, जनजाति, मधेसी, मुस्लिम और अन्य समुदायों को भी प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य है।

सुरक्षा और राजनीतिक माहौल

नेपाल चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। चुनाव आयोग ने लगभग 3.4 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना मिलकर पूरे मतदान केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं।

परंपरागत रूप से नेपाली राजनीति में नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी (UML) का दबदबा रहा है। लेकिन इस बार नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने युवाओं में लोकप्रिय होकर अपनी ताकत दिखाई है। RSP 2022 में बनी थी और युवा मतदाताओं के बीच तेजी से समर्थन हासिल कर रही है।

प्रमुख उम्मीदवार और मुकाबला

इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा रैपर-नेता बलेंद्र शाह की है। 35 वर्षीय शाह पहले काठमांडू के मेयर रह चुके हैं और अब प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं। वे RSP से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली से है, जिन्हें Gen Z आंदोलन के बाद सत्ता से हटाया गया था।

अन्य बड़े उम्मीदवारों में नेपाली कांग्रेस के गगन थापा और माओवादी नेता पुष्प कमल दहल शामिल हैं। गगन थापा 49 साल के हैं और युवाओं में लोकप्रिय हैं, जबकि पुष्प कमल दहल तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं। बलेंद्र शाह सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं, उनके इंस्टाग्राम पर 10 लाख से अधिक, फेसबुक पर 35 लाख और एक्स पर 4 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

मतदान और भविष्य

नेपाल में पिछले चुनावों में मतदान प्रतिशत 2008 में 61.7%, 2013 में 78.3%, 2017 में 68.7% और 2022 में 61.4% रहा। इस बार भी अच्छे मतदान की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल है, इसलिए त्रिशंकु संसद और गठबंधन सरकार बनने की संभावना है।

Riyadh US Embassy Attack: रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, CIA स्टेशन को उड़ाने की कोशिश, छत ढही