NEET-UG: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के मौजूदा पैटर्न में बड़े बदलाव की संभावना सामने आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा को वर्तमान पेन-पेपर आधारित प्रणाली से हटाकर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हर साल करीब 22 लाख छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, ऐसे में परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाने की योजना बनाई जा रही है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि NEET-UG को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE की तर्ज पर दो चरणों में आयोजित करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। इसमें JEE Main और JEE Advanced जैसी अलग-अलग स्तर की परीक्षा व्यवस्था लागू करने की संभावना शामिल है।
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दो चरणों वाली परीक्षा व्यवस्था पर मंथन
केंद्र सरकार के अनुसार, NEET-UG को दो स्तरों में आयोजित करने से छात्रों की क्षमता का बेहतर आकलन किया जा सकता है। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा और विश्वसनीयता को भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार ने बताया कि परीक्षा सुधारों को लेकर गठित विशेषज्ञ समिति और संबंधित संस्थानों की सलाह के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं की जाएगी और सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनाई गई टास्क फोर्स
NEET-UG में सुधार के लिए केंद्र ने इन्फोसिस के सह-संस्थापक Nandan Nilekani की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव देगी। सरकार ने कहा है कि NEET-UG के भविष्य के प्रारूप को तय करने से पहले टास्क फोर्स की रिपोर्ट को ध्यान में रखा जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और अन्य संबंधित पक्षों के साथ भी व्यापक चर्चा की जाएगी।
नए बदलाव अचानक लागू नहीं किए जाएंगे
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी बड़े बदलाव को अचानक लागू नहीं किया जाएगा। छात्रों को नए पैटर्न के बारे में पर्याप्त समय पहले जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपनी तैयारी को नई व्यवस्था के अनुसार ढाल सकें। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बदलाव से छात्रों को परेशानी न हो और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
परीक्षा सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाए गए कदम
NEET-UG में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार ने कई सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। इनमें प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, GPS ट्रैकिंग वाले विशेष कंटेनर, वन-टाइम लॉक सिस्टम और एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्न बैंक जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक और प्रशासनिक सुधारों का लगातार उपयोग किया जा रहा है।
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अंतिम निर्णय विशेषज्ञों की सलाह के बाद
NEET-UG के नए स्वरूप को लेकर अंतिम फैसला टास्क फोर्स की रिपोर्ट और सभी संबंधित संस्थानों से चर्चा के बाद लिया जाएगा। केंद्र का लक्ष्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जो सुरक्षित होने के साथ-साथ छात्रों की वास्तविक योग्यता का बेहतर मूल्यांकन कर सके।










