NEET UG 2026 अपडेट: आवेदन में करेक्शन की सुविधा, MBBS सीटों के लिए रिकॉर्ड 22.60 लाख फॉर्म

पटना. नीट यूजी 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस बार देशभर से करीब 22 लाख 60 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस समेत अन्य मेडिकल कोर्स में दाखिला होगा। कुल मिलाकर लगभग 1 लाख 29 हजार एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। बड़ी संख्या में आवेदन आने से इस बार भी प्रतियोगिता काफी कड़ी रहने की उम्मीद है। 824 मेडिकल कॉलेजों में मिलेगा MBBS में दाखिला नीट यूजी के माध्यम से देश के करीब 824 मेडिकल

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Published On :

मार्च 12, 2026

पटना.

नीट यूजी 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस बार देशभर से करीब 22 लाख 60 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस समेत अन्य मेडिकल कोर्स में दाखिला होगा। कुल मिलाकर लगभग 1 लाख 29 हजार एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। बड़ी संख्या में आवेदन आने से इस बार भी प्रतियोगिता काफी कड़ी रहने की उम्मीद है।

824 मेडिकल कॉलेजों में मिलेगा MBBS में दाखिला
नीट यूजी के माध्यम से देश के करीब 824 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों पर नामांकन होगा। इन कॉलेजों में सरकारी और निजी दोनों संस्थान शामिल हैं। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के लक्ष्य के साथ इस परीक्षा में शामिल होते हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब छात्रों को आवेदन फॉर्म में सुधार करने का मौका दिया जा रहा है।

12 से 14 मार्च तक खुलेगी करेक्शन विंडो
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने आवेदन फॉर्म में सुधार के लिए करेक्शन विंडो खोलने की घोषणा की है। छात्र 12 मार्च से 14 मार्च की रात 11:50 बजे तक अपने फॉर्म में बदलाव कर सकते हैं। इसके बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए लॉग इन कर सुधार कर सकेंगे।

इन जानकारियों में किया जा सकेगा बदलाव
करेक्शन विंडो के दौरान छात्र अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और परीक्षा शहर से जुड़ी जानकारी में बदलाव कर सकते हैं। इसके अलावा माता-पिता का नाम, योग्यता, श्रेणी और परीक्षा केंद्र से संबंधित कुछ अन्य विवरण भी संशोधित किए जा सकेंगे। हालांकि छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि सभी बदलाव सावधानीपूर्वक करें।

श्रेणी बदलने पर देना पड़ सकता है शुल्क
श्रेणी में बदलाव करने पर कुछ मामलों में अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। यदि कोई छात्र आरक्षित से अनारक्षित श्रेणी में बदलाव करता है तो उसे अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। लेकिन अनारक्षित से आरक्षित श्रेणी में बदलाव करने पर फीस का अंतर देना पड़ेगा। इसी तरह ओबीसी या ईडब्ल्यूएस से अन्य श्रेणी में बदलाव पर 100 से 700 रुपये तक का शुल्क लग सकता है।

सुधार का मिलेगा केवल एक अवसर
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि आवेदन फॉर्म में सुधार का मौका केवल एक बार ही दिया जाएगा। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे फॉर्म में बदलाव करते समय सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच करें। निर्धारित समय के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे छात्रों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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