NEET UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। परीक्षा समाप्त होने के बाद अब पेपर लीक की आशंकाओं ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान में सामने आए एक मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है, जहां दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों को भारी रकम लेकर ऐसा “सैंपल पेपर” दिया गया था, जिसके कई सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे। इस मामले के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
गेस पेपर में मिले असली परीक्षा जैसे सवाल
जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों के बीच एक कथित “गेस पेपर” या “सैंपल पेपर” बांटा गया था। बताया जा रहा है कि इस पेपर में करीब 300 सवाल थे, जिनमें से लगभग 140 प्रश्न NEET UG 2026 की असली परीक्षा में पूछे गए सवालों से काफी हद तक मिलते-जुलते पाए गए। यह जानकारी मिलने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच एजेंसियों को इसकी सूचना दी। इस खुलासे के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
केरल से राजस्थान तक फैला नेटवर्क

इस पूरे मामले की जांच राजस्थान ATS और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह कथित सैंपल पेपर केरल से राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। इससे यह शक और गहरा हो गया है कि मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे कई राज्यों में फैला नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर को तैयार करने, लाने और छात्रों तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही। सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर छापेमारी भी की जा रही है और कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ जारी है।
लाखों रुपये लेकर “पक्का पेपर” देने का दावा
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने छात्रों और उनके परिवारों से मोटी रकम लेकर “पक्का पेपर” देने का वादा किया था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि असली प्रश्न पत्र लीक हुआ था या फिर पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर तैयार किया गया अनुमानित पेपर था। लेकिन इतने बड़े स्तर पर सवालों का मेल होना जांच एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
NTA ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद NTA ने अपनी ओर से सफाई जारी की है। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी के बीच आयोजित कराई गई थी। NTA के मुताबिक परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षित प्रश्न पत्र परिवहन और कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। एजेंसी ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी पहले ही जांच एजेंसियों को सौंप दी गई थी और फिलहाल जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।
पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर NEET परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में भी पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ी जैसे आरोप सामने आते रहे हैं, जिससे छात्रों का भरोसा कमजोर होता दिखाई दे रहा है। अब लाखों उम्मीदवारों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला देश के मेडिकल शिक्षा सिस्टम के लिए बड़ा मुद्दा बन सकता है।










