NEET छात्रा मौत कांड: आरोपी मनीष हॉस्टल में रहता था, सेक्स रैकेट चलाने के आरोप से हड़कंप

पटना पटना के शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा मौत मामले में गिफ्तार हॉस्टल मकान मालिक मनीष रंजन पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि वह लड़कियों के हॉस्टल में ही ऊपरी तल्ले पर रहता था। उसका आपराधिक इतिहास भी है। पुलिस अब हॉस्टल के संचालिका शंभू अग्रवाल की पत्नी नीलम अग्रवाल और उनके दो बेटों की तलाश कर रही है। घटना के बाद से सभी फरार है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की मांग की है। यह भी कहा है कि वह बड़े रसूखदारों को लड़कियों की सप्लाई

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Published On :

जनवरी 19, 2026

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पटना

पटना के शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा मौत मामले में गिफ्तार हॉस्टल मकान मालिक मनीष रंजन पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि वह लड़कियों के हॉस्टल में ही ऊपरी तल्ले पर रहता था। उसका आपराधिक इतिहास भी है। पुलिस अब हॉस्टल के संचालिका शंभू अग्रवाल की पत्नी नीलम अग्रवाल और उनके दो बेटों की तलाश कर रही है। घटना के बाद से सभी फरार है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की मांग की है। यह भी कहा है कि वह बड़े रसूखदारों को लड़कियों की सप्लाई भी करता था।

नीट छात्रा मौत मामले में एक के बाद एक कड़ी खुल रही है। पता चला है कि मकान मालिक मनीष रंजन हॉस्टल के ऊपर एक फ्लैट में रहता था। उसके मकान में नीलम अग्रवाल नाम की महिला अपने पति शंभू अग्रवाल के नाम पर चला थी। उसने केयर टेकर के तौर पर नीतू के बहाल कर रखा था। नीतू ही लड़की को लेकर अस्पताल गई थी। नीलम अग्रवाल के दो बेटे भी हैं जो घटना के बाद से फरार हैं। 13दिनों के बाद भी नीलम अग्रवाल तक पुलिस नहीं पहुंची है। हॉस्टल से अन्य लड़कियां शिफ्ट हो गई हैं।

लड़कियों ने बताया कि कभी भी हॉस्टल की सुरक्षा जांच नहीं होती थी। तीन साल से रहने वाली एक लड़की ने बताया कि भी किसी एजेंसी ने वहां आकर जांच पड़ताल नहीं किया। एक बड़ी जानकारी यह मिली है कि पांच जनवरी को जब छात्रा जहानाबाद से पटना आई थी उस दिन मनीष रंजन का मोबाइल लोकेशन भी इसी रूट पर था। पुलिस अब यह छानबीन कर रही है कि यह महज एक संयोग है या साजिश।

इस कांड के बाद यह भी खुलासा हुआ है कि पटना में लड़कियों का हॉस्टल चलाने को लेकर कोई निश्चित प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता। सैकड़ों की संख्या में हॉस्टल चलाए जा रहे हैं। लेकिन कोई ऑथोरिटी इनकी चेक नहीं करता। संचालक जिस प्रकार से चाहें, अपना हॉस्टल चलाते हैं। पुलिस भी इन्हें लेकर संवेदनशील नहीं दिखती। कई लड़कियों ने बताया कि बदमाश लड़के फब्ती कस कर भाग जाते हैं। उन्हें पकड़ने वाला कोई नहीं है।

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