NEET Scam: NEET फर्जीवाड़ा मामले में SIT का बड़ा कदम, 30 आरोपियों से होगी गहन पूछताछ

NEET फर्जीवाड़ा मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 30 आरोपियों को रिमांड पर लेकर SIT अलग-अलग और आमने-सामने पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और कथित मास्टरमाइंड से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

NEET फर्जीवाड़ा मामले में SIT का बड़ा कदम

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 9, 2026

NEET Scam: नीट यूजी परीक्षा में सामने आए फर्जीवाड़े की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विशेष जांच टीम (SIT) ने लखीसराय मंडल कारा में बंद 30 आरोपियों को 72 घंटे की रिमांड पर अपने कब्जे में लिया है। अदालत से अनुमति मिलने के बाद जांच एजेंसी अब इन सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करेगी, ताकि पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का खुलासा किया जा सके।

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अदालत की मंजूरी के बाद शुरू होगी पूछताछ

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार किऊल और कवैया थाना क्षेत्र में दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने आरोपियों को रिमांड पर लेने की अनुमति दी है। इससे पहले भी एक मामले में ईओयू को रिमांड की स्वीकृति मिल चुकी थी। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद गुरुवार को 30 आरोपियों को लखीसराय जेल से पटना ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी।

अलग-अलग और आमने-सामने होगी पूछताछ

एसआईटी की योजना है कि सबसे पहले सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जाएगी। इसके बाद उनके बयानों का आपस में मिलान किया जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी बयान में विरोधाभास मिलता है तो संबंधित आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ईओयू के वरिष्ठ अधिकारी और तीनों मामलों के जांच अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि पूछताछ के दौरान सामने आने वाली हर जानकारी का बारीकी से विश्लेषण किया जा सके।

पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद

जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। पूछताछ के जरिए इस फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क, पैसों के लेनदेन, अन्य राज्यों या जिलों से जुड़े संपर्कों और इसमें शामिल प्रमुख लोगों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है। साथ ही इस पूरे रैकेट के कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने में भी जांच टीम को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

परीक्षा के दौरान हुआ था बड़ा खुलासा

यह मामला उस समय सामने आया था जब 21 जून को आयोजित नीट यूजी परीक्षा के दौरान लखीसराय में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले कई लोगों का खुलासा हुआ। जांच के दौरान नौ फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया।

इन लोगों पर है फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप

गिरफ्तार किए गए 30 आरोपियों में नौ फर्जी परीक्षार्थी, एक मूल अभ्यर्थी, दो सहयोगी और 18 बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता करने और दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा दिलाने में भूमिका निभाई।

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12 सदस्यीय SIT कर रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गई है। डीआईजी के नेतृत्व में गठित 12 सदस्यीय विशेष जांच टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का उद्देश्य केवल आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करना ही नहीं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचना भी है। आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस बहुचर्चित परीक्षा फर्जीवाड़े की पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।