NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार लगातार कार्रवाई के मोड में दिखाई दे रही है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए हैं। इस फेरबदल को परीक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक निर्णय लगातार लिए जा रहे हैं।
विनीत जोशी का तबादला, नरेश पाल गंगवार बने नए सचिव
कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी विनीत जोशी को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। माना जा रहा है कि यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर देशभर में गंभीर बहस चल रही है।
सरकार ने छात्रों के भविष्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर होगी त्वरित सुनवाई
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार का मानना है कि त्वरित न्याय मिलने से दोषियों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार कठोर दंड मिलेगा।
जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन जारी
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर को पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र जैसा बना दिया गया है और प्रदर्शनकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। दीपके ने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और केवल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर ध्यान देना चाहिए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती, तो जनता सरकार से भी जवाब मांगेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों छात्रों के भविष्य से बड़ा कोई पद या व्यक्ति नहीं हो सकता। उनका कहना था कि छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और जवाबदेह कार्रवाई की आवश्यकता है। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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