Neeraj Yadav Suicide: एशियन पैरा गेम्स के चैंपियन नीरज यादव नहीं रहे, जानिए पूरा मामला

भारत के तीन बार के गोल्ड मेडलिस्ट पैरा एथलीट नीरज यादव की दिल्ली में मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अपने फ्लैट में मृत पाए गए। उनके शव का GTB अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। डोपिंग प्रतिबंध के कारण वह आगामी एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे। मौत की वजह की पुष्टि का इंतजार है।

Neeraj Yadav Suicide

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 28, 2026

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Neeraj Yadav Suicide: भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। तीन बार पैरा एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय पैरा एथलीट नीरज यादव की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार रात वह दिल्ली स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद खेल जगत में शोक का माहौल है। हालांकि, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजों का इंतजार है।

GTB अस्पताल में पोस्टमार्टम, मौत की वजह का इंतजार

GTB अस्पताल में पोस्टमार्टम, मौत की वजह का इंतजार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरज यादव के शव को दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही थी। शुरुआती खबरों में आशंका जताई गई कि उन्होंने कोई जहरीला पदार्थ खाया होगा। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने से पहले मौत की वजह को लेकर किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा। मामले से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पैरा एथलेटिक्स कोच ने की मौत की पुष्टि

भारत के मुख्य पैरा-एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने मीडिया से बातचीत में नीरज यादव की मौत की खबर की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि नीरज ने अपने फ्लैट में जहरीला पदार्थ खाया था। कोच ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताया। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि नीरज मानसिक तनाव से गुजर रहे होंगे। हालांकि, उनके मानसिक स्वास्थ्य या मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

डोपिंग प्रतिबंध के कारण परेशान थे नीरज यादव?

डोपिंग प्रतिबंध के कारण परेशान थे नीरज यादव?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरज यादव अक्टूबर 2023 के बाद डोपिंग प्रतिबंध के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे। बताया गया है कि उनके नमूने में स्टैनोजोलोल नाम का प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड पाया गया था, जिसके बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने उन पर कार्रवाई की थी। कोच सत्यनारायण के मुताबिक, प्रतिबंध के कारण आगामी आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाना उनके लिए मानसिक पीड़ा की वजह हो सकता था। हालांकि, इसे उनकी मौत का कारण मानने का अभी कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।

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सात साल की उम्र में दिव्यांगता, फिर भी नहीं मानी हार

सात साल की उम्र में दिव्यांगता, फिर भी नहीं मानी हार

उत्तर प्रदेश के रहने वाले नीरज यादव भारतीय पैरा एथलेटिक्स के जाने-माने खिलाड़ियों में शामिल थे। महज सात साल की उम्र में उन्हें पोलियो के बाद होने वाली शारीरिक दिव्यांगता का पता चला था। इसके बावजूद उन्होंने खेल के मैदान में अपनी अलग पहचान बनाई। पैरा एथलेटिक्स में आने से पहले उन्होंने 2005 से 2012 के बीच करीब छह साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेला। इसके बाद उन्होंने एथलेटिक्स में अपना करियर बनाया और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया।

2015 में मिली बड़ी सफलता, फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमके

नीरज यादव को 2015 में दिल्ली स्टेट एथलेटिक्स मीट में बड़ी कामयाबी मिली। उन्होंने शॉट पुट, जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीते। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और लगातार शानदार प्रदर्शन किया।

2018 और 2023 में जीते गोल्ड मेडल

नीरज यादव ने 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की F55 जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 29.84 मीटर के एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद 2023 में चीन में हुए एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो, दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। उनकी इन उपलब्धियों ने उन्हें भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल कर दिया था।

पीएम मोदी से भी मिल चुके थे नीरज यादव

2018 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना की थी। साल 2023 में भी दो स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें बधाई दी गई थी। नीरज का सफर इस बात की मिसाल रहा कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उनकी मौत से भारतीय पैरा खेल जगत ने एक अनुभवी खिलाड़ी खो दिया है।