NCERT Book Controversy: CJI की फटकार के बाद NCERT ने मानी गलती, ज्यूडिशियरी चैप्टर पर रोक

सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति के बाद NCERT ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' वाले संदर्भों के लिए माफी मांगी और पुस्तक का वितरण तुरंत रोक दिया।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 26, 2026

NCERT Book Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की टेक्स्टबुक में ज्यूडिशियरी में भ्रष्टाचार के संदर्भ पर कड़ा संज्ञान लेने के बाद, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने बुधवार को माफी मांगी। NCERT ने किताब के वितरण पर तत्काल ‘सख्त रोक’ लगाते हुए इसे “एरर ऑफ जजमेंट” करार दिया।

एनसीईआरटी ने बुधवार देर शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 24 फरवरी को प्रकाशित कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, खंड II’ में अध्याय संख्या 4, जिसका शीर्षक ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ है, में अनजाने में कुछ अनुचित सामग्री और निर्णय संबंधी त्रुटियां शामिल हो गई थीं।

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ज्यूडिशियरी का सम्मान हमेशा प्राथमिक

एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया कि वह ज्यूडिशियरी का अत्यधिक सम्मान करती है और इसे भारतीय संविधान का रक्षक तथा फंडामेंटल राइट्स की सुरक्षा करने वाला संस्थान मानती है। बयान में कहा गया, “यह गलती पूरी तरह से अनजाने में हुई और NCERT को इस चैप्टर में गलत सामग्री शामिल करने का अफसोस है।” काउंसिल ने दोहराया कि किसी भी संवैधानिक संस्था के अधिकारों पर सवाल उठाने या उसे कम आंकने का कोई इरादा नहीं था।

एनसीईआरटी ने आगे बताया कि नई टेक्स्टबुक्स का उद्देश्य छात्रों में संवैधानिक साक्षरता, संस्थागत सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी की समझ को मजबूत करना है। चैप्टर को अब “ज़रूरत के हिसाब से सही अथॉरिटी से सलाह लेकर” फिर से लिखा जाएगा। संशोधित संस्करण 2026-27 के शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में कक्षा 8 के विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा।

बयान में NCERT ने दोहराया, “हम इस फैसले की गलती पर खेद प्रकट करते हैं और संस्थान की पवित्रता और सम्मान के लिए लगातार काम करने का अपना संकल्प दोहराते हैं।”

विवाद की वजह

यह विवाद नई टेक्स्टबुक में ज्यूडिशियरी के अंदर भ्रष्टाचार और केस बैकलॉग पर चर्चा करने वाले सेक्शन के शामिल होने के कारण शुरू हुआ। NCERT ने पहली बार क्लास 8 की सोशल साइंस टेक्स्टबुक में इस तरह की टिप्पणी की। इससे पहले के एडिशनों में मुख्य रूप से कोर्ट की संरचना, न्याय तक पहुंच और न्यायपालिका की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य छात्रों में न्यायपालिका और संविधान के प्रति समझ बढ़ाना था, लेकिन अनजाने में शामिल की गई आलोचनात्मक टिप्पणी ने सुप्रीम कोर्ट की संवेदनशीलता को चुनौती दी। CJI की फटकार के बाद NCERT ने तुरंत कदम उठाते हुए पुस्तक के वितरण पर रोक लगाई और गलती स्वीकार की।

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