एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नक्सली प्रदीप यादव पकड़ा गया

डुमरिया करीब डेढ़ दशक से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली प्रदीप यादव को आखिरकार सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को खुफिया सूचना के आधार पर एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती रबदी गांव में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है। प्रदीप यादव मूल रूप से झारखंड का निवासी है लेकिन बिहार और कई पड़ोस के राज्यों में वह अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था। वह अंधाधुंध फायरिंग में माहिर है। पुलिस पर हमले में भी वह एक्सपर्ट है। प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए एसएसबी की 29वीं

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Published On :

अप्रैल 11, 2026

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डुमरिया

करीब डेढ़ दशक से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली प्रदीप यादव को आखिरकार सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को खुफिया सूचना के आधार पर एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती रबदी गांव में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है। प्रदीप यादव मूल रूप से झारखंड का निवासी है लेकिन बिहार और कई पड़ोस के राज्यों में वह अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था। वह अंधाधुंध फायरिंग में माहिर है। पुलिस पर हमले में भी वह एक्सपर्ट है।

प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए एसएसबी की 29वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट रविशंकर कुमार और ‘सी’ समवाय डुमरिया के निरीक्षक मंतोष कुमार के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। टीम ने सटीक घेराबंदी कर लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तारी के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे मुख्यालय लाया गया। गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस पर की थी अंधाधुंध फायरिंग
प्रदीप यादव झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के कोवल गांव का निवासी है लेकिन बिहार समेत आस पास के राज्यों में नक्सल गतिविधियों को ऑपरेट करता है। वह वर्ष 2012 में पुलिस और सीआरपीएफ की सर्चिंग पार्टी पर हुए जानलेवा हमले में शामिल था। इसके अलावा 24 जनवरी 2012 को बागपुर के पहाड़ी इलाके में हथियार लूटने की साजिश के तहत अपने साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था। हालांकि, हथियार लूटने में उसे कामयाबी नहीं मिली।

इस मामले में डुमरिया थाना में आर्म्स एक्ट और सीएलए के तहत प्राथमिकी दर्ज है। वर्षों तक फरारी के दौरान वह लगातार ठिकाना बदलता रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद उसे डुमरिया थाना को सौंप दिया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस उसके पूरे दस्ते का सफाया करने की कार्रवाई में जुट गई है। केंद्र सरकार बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से नक्सल समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि जल्द ही देश को नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा।

पॉइंटर
● एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता

● 2012 में सीआरपीएफ-पुलिस पर हमले और फायरिंग में रहा था शामिल

● लंबे समय से ठिकाना बदलकर पुलिस को दे रहा था चकमा

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