Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 के आगाज़ के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पूरी तरह देवी की भक्ति में सराबोर हो गई है। मंदिरों में गूंजते ‘जय माता दी’ के उद्घोष और सुबह-सवेरे से लगी लंबी कतारें इस पावन पर्व की भव्यता को दर्शा रही हैं। यदि आप भी इन नौ दिनों में मां दुर्गा का आशीर्वाद लेना चाहते हैं, तो दिल्ली के इन पांच ऐतिहासिक और जागृत शक्तिपीठों के दर्शन करना आपके लिए सौभाग्यशाली सिद्ध हो सकता है।
Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के चौथे दिन आज करें मां कूष्मांडा की आराधना, जानें पूजन विधि
1. झंडेवालान मंदिर

मध्य दिल्ली में स्थित झंडेवालान मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहाँ माँ की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी। नवरात्रि के दौरान इस मंदिर को विदेशी फूलों और भव्य रोशनी से सजाया जाता है। यहाँ की विशेषता यह है कि मन्नत पूरी होने पर भक्त माँ को झंडा अर्पित करते हैं। यहाँ की सुबह और शाम की आरती का अनुभव अलौकिक होता है, जो अंतर्मन को शांति प्रदान करता है।
2. कालकाजी मंदिर

दक्षिण दिल्ली के सूर्यकुट पर्वत पर स्थित कालकाजी मंदिर को ‘मनोकामना सिद्ध पीठ’ कहा जाता है। इस प्राचीन मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है; माना जाता है कि पांडवों ने युद्ध से पूर्व यहाँ विजय की प्रार्थना की थी। माँ काली को समर्पित इस मंदिर में स्थापित प्रतिमा स्वयंभू है। नवरात्रि में यहाँ विशेष जागरण और भजन संध्याओं का आयोजन होता है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुँचते हैं।
3. छतरपुर मंदिर
सफेद संगमरमर से निर्मित छतरपुर मंदिर (श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ) भारत के सबसे विशाल मंदिर परिसरों में से एक है। यह मंदिर माँ दुर्गा के छठे स्वरूप ‘माँ कात्यायनी’ को समर्पित है। नवरात्रि के दौरान यहाँ की व्यवस्था और सुरक्षा इतनी चाक-चौबंद होती है कि भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर पाते हैं। यहाँ का विशाल ‘शयन कक्ष’ और माता का श्रृंगार देखने योग्य होता है।
4. योगमाया मंदिर
यदि आप भीड़भाड़ से दूर शांत वातावरण में माँ की उपासना करना चाहते हैं, तो महरौली स्थित योगमाया मंदिर उत्तम स्थान है। इसे दिल्ली के सबसे पुराने मंदिरों में गिना जाता है और इसका संबंध भगवान कृष्ण की बहन योगमाया से जोड़ा जाता है। यहाँ का वातावरण आध्यात्मिक सुकून से भरा है, जहाँ भक्त घंटों बैठकर ध्यान लगा सकते हैं।
5. श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ
माँ कात्यायनी को समर्पित यह शक्तिपीठ अपनी विशेष पूजा पद्धतियों और भंडारों के लिए प्रसिद्ध है। नवरात्रि के दौरान यहाँ विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा माँ अवश्य पूरी करती हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहाँ प्रशासन द्वारा विशेष लाइनों और दर्शन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
दर्शन के लिए जरूरी नियम
मंदिरों में प्रवेश के लिए शालीन वस्त्रों का चयन करें।
आरती के समय भीड़ को देखते हुए धैर्य बनाए रखें।
मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और मोबाइल के उपयोग से बचें, ताकि भक्ति में व्यवधान न हो।
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