BJD Leader Resigns : ओडिशा की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। बीजू जनता दल (BJD) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। उन्होंने बीजेडी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है।
देबाशीष सामंतराय को पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का बेहद करीबी और भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता था। ऐसे समय में उनका पार्टी छोड़ना बीजू जनता दल के लिए एक बहुत बड़ा संगठनात्मक झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब पार्टी राज्य में खुद को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिशों में जुटी है।
‘व्यवस्थित तरीके से किनारे किया गया‘- सामंतराय का गंभीर आरोप
अपने इस्तीफे के पीछे देबाशीष सामंतराय ने पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी और उपेक्षा को मुख्य वजह बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर उन्हें व्यवस्थित तरीके से कमतर दिखाने और हाशिये पर धकेलने की कोशिशें की जा रही थीं। उनका मानना है कि बीजेडी के शीर्ष नेतृत्व और आंतरिक रणनीतिकारों को अब उनकी सेवाओं और अनुभव की कोई आवश्यकता नहीं रह गई है। इस तरह के सौतेले व्यवहार और लगातार हो रही उपेक्षा से आहत होकर ही उन्होंने यह कड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाने का फैसला किया।
नवीन पटनायक को पत्र लिखकर जताया राज्यसभा नामांकन के लिए आभार
पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेजे गए अपने आधिकारिक त्यागपत्र में देबाशीष सामंतराय ने भावुक रुख भी अख्तियार किया। उन्होंने लिखा कि वह उन्हें राज्यसभा भेजने और संसद के उच्च सदन में प्रतिनिधित्व देने के लिए पार्टी सुप्रीमो के हमेशा ऋणी रहेंगे। उन्होंने नवीन पटनायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान मिले अवसरों के लिए वह दिल से धन्यवाद देते हैं। सामंतराय ने यह साफ किया कि उनका विरोध नवीन पटनायक के व्यक्तिगत फैसलों से ज्यादा पार्टी के भीतर उनके खिलाफ रची गई आंतरिक परिस्थितियों से है।
‘जनहित में लिया यह कठिन निर्णय‘- देबाशीष सामंतराय
नवीन पटनायक को संबोधित पत्र में देबाशीष सामंतराय ने अपने दर्द को बयां करते हुए लिखा, “मैंने हमेशा खुद को बीजू जनता दल के हितों और उसकी विचारधारा के लिए पूरी तरह समर्पित किया है। पिछले कुछ वर्षों में मैंने पूरी दृढ़ता, निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ संगठन को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम किया है।
हालांकि, मुझे गहरे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हाल के दिनों में मुझे पार्टी के भीतर व्यवस्थित रूप से छोटा दिखाया गया। ऐसा माहौल बनाया गया जिससे यह साफ हो गया कि अब पार्टी को मेरी सेवाओं की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए, भारी मन से लेकिन जनहित को सर्वोपरि रखते हुए मैंने यह कठिन फैसला लिया है और आपसे मेरा इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध करता हूं।”
कटक की जनता और ओडिशा के मुद्दों को उठाने का सफरनामा
अपने इस्तीफे के अंतिम हिस्से में उन्होंने तारीख का उल्लेख करते हुए लिखा, “मैं आज, यानी 25 मई 2026 को बीजू जनता दल की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रहा हूँ।” इसके साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए लिखा कि वह अविभाजित कटक जिले के लोगों की सेवा करने का मौका देने के लिए पार्टी के प्रति आभारी हैं।
उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रीय स्तर पर और देश की संसद में बड़े पैमाने पर ओडिशा के हक, अस्मिता और महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी ताकत से उठाने का अवसर देने के लिए आपके प्रति अपनी सच्ची और गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।” कटक जिले में सामंतराय का अच्छा-खासा प्रभाव माना जाता है, और उनके जाने से वहां पार्टी संगठन को नए सिरे से मेहनत करनी होगी।
ओडिशा की राजनीति पर क्या होगा इसका भविष्य का असर?
देबाशीष सामंतराय के इस इस्तीफे के बाद अब ओडिशा के राजनीतिक पंडित कई तरह के कयास लगा रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या वह आने वाले दिनों में किसी अन्य प्रमुख राष्ट्रीय या क्षेत्रीय दल का दामन थामेंगे, या फिर अपनी नई राजनीतिक जमीन तलाशेंगे।
बीजेडी के भीतर भी इस इस्तीफे के बाद असंतोष की आवाजें मुखर हो सकती हैं। पार्टी नेतृत्व के लिए अब कटक और उसके आसपास के क्षेत्रों में सामंतराय के विकल्प को ढूंढना और डैमेज कंट्रोल करना एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरे भी बीजेडी से दूरी बना सकते हैं।










