नौतपा 2026: 25 मई से 2 जून तक चलेगा भीषण गर्मी का दौर, शास्त्रों में बताए गए दान के उपाय

इस बार नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी और समापन 2 जून को होगा. नौतपा के इन 9 दिनों में सूर्य देव अपने प्रचंड रूप में होते हैं, जिससे पृथ्वी पर अत्यधिक गर्मी बढ़ जाती है. शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान भीषण गर्मी से जूझ रहे इंसानों और बेजुबान पशु-पक्षियों को शीतलता प्रदान करने वाली चीजों का दान करना महा-पुण्य फलदायी माना गया है. इससे कुंडली में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है. नौतपा के दौरान आपको मुख्य रूप से इन चीजों का दान जरूर करना चाहिए. 1. जल और शीतल पेय पानी का

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Published On :

मई 23, 2026

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इस बार नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी और समापन 2 जून को होगा. नौतपा के इन 9 दिनों में सूर्य देव अपने प्रचंड रूप में होते हैं, जिससे पृथ्वी पर अत्यधिक गर्मी बढ़ जाती है. शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान भीषण गर्मी से जूझ रहे इंसानों और बेजुबान पशु-पक्षियों को शीतलता प्रदान करने वाली चीजों का दान करना महा-पुण्य फलदायी माना गया है. इससे कुंडली में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है. नौतपा के दौरान आपको मुख्य रूप से इन चीजों का दान जरूर करना चाहिए.

1. जल और शीतल पेय
पानी का घड़ा या सुराही- किसी मंदिर, प्याऊ या जरूरतमंद को मिट्टी का नया घड़ा (मटका) या सुराही पानी भरकर दान करें.
रास्ते में प्याऊ लगवाना- राहगीरों के लिए मीठे शरबत, शिकंजी या सादे पानी की व्यवस्था करना इस मौसम का सबसे बड़ा पुण्य है.

2. अनाज और खाने-पीने की चीजें
सत्तू- जौ या चने का सत्तू पेट को ठंडक देता है. नौतपा में सत्तू का दान बेहद शुभ माना जाता है.
मौसमी फल- गर्मी से राहत देने वाले फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और आम का दान करें.
दही या छाछ- राहगीरों या ब्राह्मणों को ठंडी छाछ (मट्ठा) या दही का दान करने से कुंडली में चंद्र दोष दूर होता है.

3. गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं
पंखे का दान- हाथ से झलने वाला बांस का पंखा (बिजना) या क्षमता अनुसार बिजली का पंखा किसी जरूरतमंद या धार्मिक स्थल पर दान करें.
छाता – तेज धूप से बचने के लिए राहगीरों, बुजुर्गों या श्रमिकों को छाते का दान करना बहुत लाभकारी माना जाता है.
चप्पल या जूते- इस जलती हुई धूप में किसी जरूरतमंद को चप्पल, जूते या मोज़े दान करने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और पैर की सुरक्षा होती है.

4. बेजुबान जीवों के लिए दान (जीव सेवा)
पक्षियों के लिए सकोरे- अपने घर की छत, बालकनी या आंगन में मिट्टी के बर्तनों (सकोरों) में पानी और दाना रखें.
पशुओं के लिए नाद- लावारिस गायों और अन्य जानवरों के लिए सड़कों के किनारे पानी पीने की नाद (हौदी) की व्यवस्था करें या उसमें पानी भरें.

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