National Herald Case: दिल्ली हाईकोर्ट में आज बड़ी सुनवाई, सोनिया-राहुल को मिली राहत के खिलाफ ED की अपील

नेशनल हेराल्ड मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया गया था।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 20, 2026

National Herald Case: नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज एक बार फिर कानूनी सरगर्मी तेज होने वाली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक विशेष याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार (20 अप्रैल) को सुनवाई करेगा। यह याचिका ट्रायल कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें गांधी परिवार और अन्य आरोपियों के विरुद्ध दाखिल ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया गया था।

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क्या है मामला और ED की आपत्ति?

यह पूरा कानूनी विवाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से जुड़ा है। ईडी का मुख्य आरोप यह है कि आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत ‘यंग इंडियन’ नामक कंपनी के माध्यम से ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (AJL) की लगभग 2000 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों पर अवैध रूप से नियंत्रण हासिल किया। जांच एजेंसी के अनुसार, यंग इंडियन में गांधी परिवार की बहुमत हिस्सेदारी है और इस सौदे में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं।

ट्रायल कोर्ट के फैसले पर विवाद

मामले की जड़ में 16 दिसंबर 2025 का ट्रायल कोर्ट का वह आदेश है, जिसने ईडी की जांच की दिशा बदल दी। ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि ईडी की शिकायत पर कानूनी रूप से संज्ञान नहीं लिया जा सकता क्योंकि यह मामला किसी ‘प्रेडिकेट ऑफेंस’ (जैसे कि पुलिस की एफआईआर) पर आधारित नहीं था।

इसी फैसले को चुनौती देते हुए ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ईडी के वकीलों का तर्क है कि मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामलों में केवल एफआईआर का होना ही संज्ञान लेने के लिए एकमात्र शर्त नहीं है। ट्रायल कोर्ट का यह आदेश कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण है और यह भविष्य में होने वाली आर्थिक अपराधों की जांच को बाधित कर सकता है।

हाईकोर्ट में आज की सुनवाई का महत्व

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ द्वारा की जा रही है। इससे पहले, 22 दिसंबर को हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों के माध्यम से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और ‘यंग इंडियन’ कंपनी से जवाब मांगा गया था। आज की सुनवाई में कोर्ट यह तय कर सकता है कि क्या ईडी की याचिका विचारणीय है और क्या ट्रायल कोर्ट को चार्जशीट पर दोबारा विचार करने के निर्देश दिए जाने चाहिए।

राजनीतिक और कानूनी प्रभाव

नेशनल हेराल्ड का मामला पिछले कई वर्षों से भारत की राजनीति और न्यायिक गलियारों में चर्चा का विषय रहा है। यदि हाईकोर्ट ईडी के पक्ष में फैसला सुनाता है, तो ट्रायल कोर्ट को दोबारा इस चार्जशीट पर विचार करना होगा, जिससे गांधी परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, यदि ट्रायल कोर्ट का फैसला बरकरार रहता है, तो यह विपक्ष और कांग्रेस के लिए एक बड़ी कानूनी जीत मानी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुनवाई न केवल इस विशेष मामले के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत संज्ञान लेने की प्रक्रिया पर भी एक नई कानूनी मिसाल पेश कर सकती है। फिलहाल, सभी की निगाहें न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच पर टिकी हैं।

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