West Bengal Election Results : पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार आगे दिखाई दिए। पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होते ही दोनों सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले बढ़त बना ली। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना किसी को भी केंद्र के भीतर प्रवेश की इजाजत नहीं है।
नंदीग्राम में हसीरानी रथ को बड़ी बढ़त
नंदीग्राम सीट पर पोस्टल बैलेट की शुरुआती गिनती में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ को एक हजार से अधिक वोट मिलने की जानकारी सामने आई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को केवल 18 वोट मिले। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार ऋतब्रत को आठ वोट मिलने की बात कही गई। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के खाते में सात वोट आए, जबकि वामपंथी उम्मीदवारों को केवल तीन वोट मिले। शुरुआती रुझानों में बीजेपी की बढ़त ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, ये आंकड़े पोस्टल बैलेट की शुरुआती गिनती से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें अंतिम नतीजा नहीं माना जा सकता।

नंदीग्राम सीट क्यों है राजनीतिक रूप से अहम?
नंदीग्राम विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस साल हुए विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद नियमानुसार उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ी। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। इस सीट पर होने वाला मुकाबला बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस समेत दूसरे राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है। शुरुआती मतगणना में बीजेपी उम्मीदवार की बढ़त पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
रेजिनगर में शेखरव सरकार आगे
रेजिनगर विधानसभा सीट पर भी पोस्टल बैलेट की शुरुआती गिनती में बीजेपी उम्मीदवार शेखरव सरकार ने बढ़त बनाई। सामने आए आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 1,033 वोट मिले। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार ममता को 109 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार को 93 वोट मिले। हुमायूं कबीर की पार्टी के उम्मीदवार को 65 वोट मिलने की जानकारी सामने आई। शुरुआती आंकड़ों में बीजेपी उम्मीदवार अन्य प्रत्याशियों से आगे नजर आए। हालांकि, आगे की मतगणना के साथ वोटों का अंतर बदल सकता है।

हुमायूं कबीर को क्यों छोड़नी पड़ी सीट?
रेजिनगर सीट पर भी उपचुनाव होने की वजह पिछला विधानसभा चुनाव है। आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने रेजिनगर और नौदा, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। नियमों के अनुसार उन्हें भी एक सीट छोड़नी पड़ी, जिसके चलते रेजिनगर में उपचुनाव कराया जा रहा है। चुनाव के दिन से ही इस सीट पर बीजेपी की संभावित बढ़त को लेकर चर्चाएं थीं। शुरुआती मतगणना में बीजेपी उम्मीदवार आगे दिखे, जबकि हुमायूं कबीर की पार्टी पीछे नजर आई।
सुरक्षा के बीच जारी है मतगणना
दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई है। निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त जरूर मिली है, लेकिन अंतिम परिणाम के लिए सभी चरणों की गिनती पूरी होना जरूरी है। ऐसे में नंदीग्राम और रेजिनगर के नतीजों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ समर्थकों की भी नजर बनी हुई है।
Read More : Uttarakhand News: हरिद्वार में उद्योग और रोजगार बढ़ाने पर CM धामी का जोर, निवेशकों को उम्मीद










