Nandigram By-Election Result: नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा उलटफेर! हसीरानी रथ ने कांग्रेस को भारी अंतर से हराया

Nandigram By-Election Result: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हसीरानी रथ ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी परिणामों के अनुसार, उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया। नंदीग्राम विधानसभा सीट के इतिहास में किसी उम्मीदवार की यह सबसे बड़ी जीत बताई जा रही है। इस परिणाम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नंदीग्राम सीट को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में थे? बताते चले कि,

Nandigram By-Election Result

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 9, 2026

Nandigram By-Election Result: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हसीरानी रथ ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी परिणामों के अनुसार, उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया। नंदीग्राम विधानसभा सीट के इतिहास में किसी उम्मीदवार की यह सबसे बड़ी जीत बताई जा रही है। इस परिणाम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नंदीग्राम सीट को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में थे?

बताते चले कि, नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा ने हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान चुनाव मैदान में उतरे थे। वामपंथी दल CPI ने शांतिगोपाल गिरि को प्रत्याशी बनाया था। इस चुनाव में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक पहचान वाली नंदीग्राम सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला।

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में थे?

आपको बता दे कि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने के बाद चुनाव से पहले प्रत्याशी के नाम वापस लेने की स्थिति के बीच कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया था। इसके बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार भाजपा की हसीरानी रथ को चुनौती देने में सफल नहीं हो सके। नतीजों में भाजपा ने बड़े अंतर से जीत हासिल की, जबकि CPI के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे।

कौन हैं हसीरानी रथ ?

बताते चले कि, भाजपा की विजेता उम्मीदवार हसीरानी रथ का नाम शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ से जुड़ा है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की 4 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद हसीरानी रथ का नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में उतरना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना गया। उनकी जीत ने इस सीट पर भाजपा की स्थिति को और मजबूत करने का संदेश दिया है। हालांकि, इस परिणाम के व्यापक राजनीतिक प्रभाव का आकलन राज्य की आगामी राजनीतिक गतिविधियों और मतदाताओं के रुझान के आधार पर किया जाएगा।

शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई थी नंदीग्राम सीट

नंदीग्राम विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में गिनी जाती है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने इसी सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम से जीत दर्ज की थी। इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता की भवानीपुर सीट से भी चुनाव जीता था।

शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई थी नंदीग्राम सीट

दोनों सीटों पर जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। इसी कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ा। नंदीग्राम का राजनीतिक महत्व देखते हुए इस चुनाव पर भाजपा, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस समेत सभी प्रमुख दलों की नजरें टिकी थीं।

17 राउंड की मतगणना के बाद भाजपा ने दर्ज की बड़ी जीत

17 राउंड की मतगणना के बाद भाजपा ने दर्ज की बड़ी जीत

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए 3 अक्टूबर को मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस दौरान 79.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को घोषित परिणामों में सभी 17 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ को कुल 1,64,427 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 41,674 वोट प्राप्त हुए, जबकि CPI उम्मीदवार शांतिगोपाल गिरि 5,779 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 1,22,753 वोट रहा।

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका

नंदीग्राम उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका हैं। तृणमूल कांग्रेस के समर्थन के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार भाजपा प्रत्याशी के सामने टिक नहीं सके। दूसरी ओर, भाजपा ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कर इस सीट पर अपनी राजनीतिक पकड़ का प्रदर्शन किया है। अब इस ऐतिहासिक जीत के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में इसके प्रभाव और आगामी चुनावों में इसके संभावित असर पर चर्चा तेज होने की संभावना है।