
Nalasopara Fire : महाराष्ट्र के नालासोपारा-वसई लिंक रोड स्थित इम्पीरियल हाइट्स इमारत में आधी रात के करीब भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग की लपटें और धुआं फैलने से इमारत में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया। इस दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 14वीं मंजिल पर फंसे एक ही परिवार के चार लोगों को अग्निशमन दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दो महिलाओं की दर्दनाक मौत
इस हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान फाल्गुनी शाह और अश्विनी पारकर के रूप में हुई है। दोनों की उम्र 50 वर्ष बताई गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग के कारण इमारत में फैले घने धुएं में दम घुटने से उनकी मौत होने की आशंका है। तुलिंज अस्पताल की प्रभारी डॉ. कविता जगदा के मुताबिक, मौत की सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है।

14वीं मंजिल पर फंसे चार लोगों की जान पर बनी आफत
आग लगने के दौरान इम्पीरियल हाइट्स इमारत की 14वीं मंजिल पर एक ही परिवार के चार लोग फंस गए थे। घर के बाहर आग की लपटें उठ रही थीं, जिसके कारण उनके लिए सुरक्षित बाहर निकलना मुश्किल हो गया। बताया गया कि चारों लोगों को करीब 40 से 45 मिनट तक मदद का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रही। आखिरकार अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।
क्रेन की मदद से किया गया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही वसई-विरार महानगरपालिका का अग्निशमन दल घटनास्थल पर पहुंचा। 14वीं मंजिल पर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बड़ी क्रेन की मदद ली गई। अग्निशमन कर्मियों ने सावधानी और कड़ी मशक्कत के बाद चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, दो महिलाओं की मौत ने आग की घटना को और गंभीर बना दिया। राहत और बचाव कार्य के दौरान इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई।

नवरात्रि के बीच घटना से इलाके में मची अफरा-तफरी
बताया गया कि नवरात्रि उत्सव के कारण इलाके में पहले से ही लोगों की आवाजाही और भीड़ थी। आग की खबर फैलते ही घटनास्थल पर हलचल बढ़ गई। पूर्व महापौर रुपेश जाधव भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। आचोले पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद रही। अग्निशमन विभाग और पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए कार्रवाई की।
आग लगने की वजह की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इमारत में अग्निसुरक्षा के सभी इंतजाम ठीक से काम कर रहे थे या नहीं। हादसे में हुए आर्थिक नुकसान का आकलन भी सामने नहीं आया है। संबंधित विभागों की जांच के बाद आग की वजह, सुरक्षा व्यवस्था और नुकसान से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है। इस घटना ने ऊंची इमारतों में अग्निसुरक्षा और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।











