Humayun Kabir Murshidabad Protest: हुमायूं कबीर ने दी पुलिस को सीधी चुनौती, फिर बिगड़ेगा बंगाल का सियासी पारा?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले मुर्शिदाबाद में सियासी पारा गरमा गया है। पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर ममता सरकार और पुलिस प्रशासन को सीधी चुनौती दी है। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और 14 फरवरी को SP कार्यालय तक विशाल मार्च के ऐलान ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 12, 2026

Humayun Kabir Murshidabad Protest: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की आहट के बीच मुर्शिदाबाद जिला राजनीतिक संघर्ष का अखाड़ा बन गया है। भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद के निर्माण की घोषणा और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने से राज्य का पारा चढ़ गया है। कबीर के तेवरों ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ममता सरकार की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

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बाबरी मस्जिद का निर्माण और प्रशासनिक गतिरोध

बताते चले कि, मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत के साथ ही विवाद गहरा गया है। विधायक कबीर के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा होने में दो साल लगेंगे। हालांकि, बुधवार को उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने निर्माण सामग्री ले जा रहे ट्रकों को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर रोक दिया। जहां पुलिस इसे सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम बता रही है, वहीं कबीर ने इसे प्रशासन की तानाशाही और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करार दिया है।

एसपी को सीधी चेतावनी और विशाल मार्च का ऐलान

बताते चले कि, हुमायूं कबीर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। इसके विरोध में उन्होंने 14 फरवरी को बेरहामपुर में एक विशाल विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। उन्होंने अत्यंत आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि वे जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय तक मार्च करेंगे और बिना किसी औपचारिक नोटिस के एक लाख लोगों की भीड़ जुटाएंगे। कबीर की यह टिप्पणी कि वे “SP का कॉलर पकड़कर जवाब मांगेंगे”, राज्य में पुलिस बल और कार्यपालिका के इकबाल पर बड़े सवाल खड़े करती है।

पुलिस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

विधायक ने लालगोला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (OC) अतनु दास पर सीधा हमला बोलते हुए उन पर ड्रग डीलरों से लगभग 20 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम नहीं कसी गई, तो जिले में बिगड़ने वाली स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने “बंगाल के सॉकेट्स” की शक्ति दिखाने और गोलियों का सामना करने की बात कहकर टकराव के संकेत दे दिए हैं।

पारिवारिक संपत्ति पर कार्रवाई और निजी रंजिश

यह लड़ाई केवल सार्वजनिक मुद्दों तक सीमित नहीं है। कबीर ने प्रशासन पर उनके परिवार को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उनकी बेटी की निर्माणाधीन इमारत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों के नाम पर पूरी बिल्डिंग को फ्रीज करना सरकार की बदले की राजनीति का हिस्सा है। उनके अनुसार, प्रशासन कानून की आड़ में उनके निजी जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहा है।

जनता उन्नयन पार्टी (JUP) का उदय

तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासन के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी नई राह चुनी है। ‘जनता उन्नयन पार्टी’ (JUP) के गठन के साथ ही वे अब ममता बनर्जी और भाजपा नेता अर्जुन सिंह, दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। बाबरी मस्जिद के मुद्दे को केंद्र में रखकर वे क्षेत्र के मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे आने वाले विधानसभा चुनावों में मुर्शिदाबाद का चुनावी गणित पूरी तरह बदल सकता है।

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