Mumbai Accident: स्कूल बस पर पेड़ गिरने से हड़कंप, 10 छात्र घायल, एक बच्चा अब भी फंसा

मुंबई के चेंबूर इलाके में एक हृदयविदारक हादसे में स्कूली बच्चों से भरी बस पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया। इस दुर्घटना में 10 बच्चे घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

Mumbai Accident

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 30, 2026

Mumbai Accident: मुंबई के चेंबूर इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहाँ एक स्कूल बस पर अचानक विशाल पेड़ गिरने से अफरा-तफरी मच गई। यह दुर्घटना तब हुई जब बस स्कूली बच्चों को लेकर 11 नंबर रोड से गुजर रही थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गए। इस दुर्घटना में 10 से अधिक बच्चों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

Maharashtra News: सड़क हादसे में बाल-बाल बचे BJP विधायक सुधीर दादा गाडगीळ, एयरबैग ने बचाई जान

बचाव अभियान और वर्तमान स्थिति

घटनास्थल पर युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाया जा रहा है। क्रेन और गैस कटर की मदद से बस की छत को काटकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। हालांकि, राहत दल के अथक प्रयासों के बावजूद, एक छात्र अभी भी बस के मलबे और पेड़ की डालियों के बीच फंसा हुआ है। बचाव दल उसे सुरक्षित निकालने के लिए अत्यंत सावधानी बरत रहा है। प्रशासन का पूरा ध्यान उस छात्र को निकालने और अन्य घायल बच्चों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय आक्रोश

इस हादसे ने मुंबई नगर निगम (BMC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चेंबूर के इस इलाके में पेड़ों की स्थिति को लेकर उन्होंने प्रशासन को कई बार लिखित में शिकायतें दी थीं। लोगों ने पहले भी अधिकारियों को पत्र लिखकर कमजोर और खतरनाक पेड़ों की छंटाई करने या उन्हें वहां से हटाने की मांग की थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इसी क्षेत्र में पहले भी पेड़ गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, बावजूद इसके BMC ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। निवासियों के अनुसार, यह हादसा प्रशासन की “आंखें मूंद लेने वाली” नीति का सीधा परिणाम है, जिसमें मासूम बच्चे शिकार हुए हैं।

सुरक्षा और जवाबदेही का सवाल

यह घटना केवल एक प्राकृतिक हादसा नहीं, बल्कि शहरी नियोजन और रखरखाव में बरती गई लापरवाही का प्रतीक है। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले महानगर में मानसून के दौरान पेड़ों के गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन स्कूल बसों जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए थी।

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक शिकायतों को दरकिनार किया जाएगा? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार ही प्रशासन की कार्रवाई का एकमात्र आधार है? फिलहाल, प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

इस दुखद घटना ने न केवल अभिभावकों के दिलों में डर पैदा कर दिया है, बल्कि BMC के प्रशासन पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब देखना यह है कि क्या भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम कोई कठोर नीति अपनाता है या फिर यह घटना केवल आंकड़ों की एक और फाइल बनकर रह जाएगी।

Maharashtra News: हनुमान मंदिर में मची चीख-पुकार, मंडप गिरने से 7 लोगों की मौत, कई घायल