MRFA Rafale India 2026: डिफेंस सेक्रेटरी का बड़ा बयान, पहली बार फ्रांस के बाहर बनेगा राफेल, 50% लोकलाइज़ेशन होगा

भारतीय वायुसेना के लिए 114 नए राफेल जेट्स की खरीद को DAC ने हरी झंडी दे दी है। रक्षा सचिव गिरिधर अरमने के अनुसार, 114 में से 90 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। यह न केवल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम है, बल्कि वैश्विक राजनीति में भारत का कद भी बढ़ाएगा।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 13, 2026

MRFA Rafale India 2026:  डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिल जाने के बाद, डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि यह जेट पहली बार फ्रांस के बाहर बनेगा, और इसमें भारतीय उद्योगों का 40-50% लोकलाइज़ेशन होगा। सिंह ने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे भारतीय हथियार और सिस्टम राफेल एयरक्राफ्ट में इंटीग्रेट किए जाएंगे।

गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट एग्रीमेंट, बिना बिचौलिए के होगी खरीद

सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रोजेक्ट सरकार-से-सरकार एग्रीमेंट के तहत, पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा, और इसमें किसी बिचौलिए का उपयोग नहीं होगा। यह भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि इससे भारतीय उत्पादकों को सीधे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से हथियार और सिस्टम विकसित करने का मौका मिलेगा।

राफेल एयरक्राफ्ट के लिए नई तकनीकी साझेदारी और इंडियन सिस्टम की इंटीग्रेशन

सिंह ने कहा कि राफेल एयरक्राफ्ट में भारतीय हथियार और सिस्टम की इंटीग्रेशन की अनुमति मिलने से भारतीय सेना की युद्ध क्षमता में सुधार होगा। इससे भारतीय रक्षा क्षेत्र को नई तकनीकी साझेदारियों के रूप में भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि स्थानीय उत्पादन के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी तकनीकी पहुंच को मजबूत किया जाएगा।राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पहला राफेल मरीन एयरक्राफ्ट 2028 में भारत में आना शुरू हो जाएगा, जबकि भारतीय वायु सेना के लिए पहला राफेल एयरक्राफ्ट कुछ समय बाद, लगभग साढ़े तीन साल बाद, शामिल होगा। इस समयसीमा को देखते हुए, भारत की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी और देश के सुरक्षा तंत्र को और प्रभावी बनाया जाएगा।

डिफेंस मिनिस्ट्री की मंजूरी के बाद बड़े रक्षा सौदे की शुरुआत

यह निर्णय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल द्वारा 3.60 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ किया गया है। इस प्रस्ताव के तहत भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA), कॉम्बैट मिसाइल और एयर-शिप आधारित हाई-एल्टीट्यूड स्यूडो-सैटेलाइट (AS-HAPS) खरीदने के लिए मंजूरी दी गई है।

MRFA से भारतीय वायु सेना की युद्ध क्षमता में वृद्धि

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) की खरीद से भारतीय वायु सेना की युद्ध क्षमता में बड़ी वृद्धि होगी, खासकर एयर-डोमिनेंस और लंबी दूरी के हमलों की ताकत में। इसके साथ ही, भारतीय सेना के पास आक्रामक युद्ध के लिए बेहतर संसाधन होंगे, जिससे सामरिक स्थिति को भी फायदा होगा।जिन कॉम्बैट मिसाइलों को खरीदा जाएगा, वे डीप-स्ट्राइक पावर और अधिक सटीकता के साथ ग्राउंड-अटैक क्षमता को बढ़ाएंगी। वहीं, AS-HAPS का इस्तेमाल सेना के लिए इंटेलिजेंस, सर्विलांस, और टोही कार्यों में किया जाएगा, जिससे भारतीय सेना की समग्र सुरक्षा और प्रभावशीलता में सुधार होगा।

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