एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026: योगी मॉडल से ओडीओपी को मिलेगा सशक्त राष्ट्रीय मंच

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026: योगी मॉडल से सशक्त ओडीओपी को मिलेगा राष्ट्रीय मंच वाराणसी में 31 मार्च को होगा सम्मेलन, व्यापार, पर्यटन और एमएसएमई में सहयोग पर फोकस दोनों राज्यों के बीच बढ़ेगा समन्वय, ओडीओपी और जीआई शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल लखनऊ  मध्यप्रदेश शासन द्वारा 31 मार्च को वाराणसी स्थित रामाडा होटल में “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के मध्य व्यापार, शिल्प, ओडीओपी उत्पाद, पर्यटन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मध्यप्रदेश

Wrriten By :

Editor

Published On :

मार्च 31, 2026

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026: योगी मॉडल से सशक्त ओडीओपी को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

वाराणसी में 31 मार्च को होगा सम्मेलन, व्यापार, पर्यटन और एमएसएमई में सहयोग पर फोकस

दोनों राज्यों के बीच बढ़ेगा समन्वय, ओडीओपी और जीआई शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल

लखनऊ
 मध्यप्रदेश शासन द्वारा 31 मार्च को वाराणसी स्थित रामाडा होटल में “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के मध्य व्यापार, शिल्प, ओडीओपी उत्पाद, पर्यटन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री राकेश सचान को सम्मेलन में गरिमामय उपस्थिति हेतु आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन का मुख्य सत्र दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे के मध्य आयोजित होगा।

विशेष रूप से, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना ने प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और शिल्प को नई पहचान दी है। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए इस सम्मेलन में दोनों राज्यों के ओडीओपी उत्पादों एवं जीआई टैग शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, पर्यटन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाने तथा एमएसएमई सेक्टर में साझा संभावनाओं को विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।

यह आयोजन न केवल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ‘योगी मॉडल’ के तहत विकसित उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों के सशक्तीकरण और वैश्विक बाजार से जुड़ाव की दिशा में भी एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन के माध्यम से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की अपेक्षा है।

Leave a Comment