Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: चुनाव आयोग के दफ्तर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, जयराम रमेश की सुरक्षाकर्मियों से भारी भिड़ंत

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद दिल्ली में चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर भारी हंगामा हुआ। जयराम रमेश को बिना अनुमति प्रवेश से रोके जाने पर सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस हुई, जिसके बाद केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल और सचिन पायलट सहित कई दिग्गजों ने मोर्चा खोल दिया।

Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 9, 2026

Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) के बाहर राजनीतिक पारा अचानक बढ़ गया। मंगलवार की शाम को इस फैसले के विरोध में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लग गया, जिसके बाद वहां भारी हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति देखने को मिली।

जयराम रमेश और गेट पर तैनात जवानों के बीच छिड़ा विवाद

जैसे ही नामांकन खारिज होने की खबर आई, कांग्रेस के संचार प्रभारी (कम्युनिकेशन इंचार्ज) जयराम रमेश तुरंत चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे। हालांकि, मुख्य द्वार पर ही सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। सुरक्षा बलों का कहना था कि कांग्रेस नेता के पास बैठक से संबंधित कोई आधिकारिक आमंत्रण या अनुमति संदेश (कन्फर्मेशन मैसेज) नहीं था। इस बात को लेकर जयराम रमेश और सुरक्षा जवानों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही, जिससे मौके पर जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया।

कांग्रेस डेलिगेशन की आयोग से मुलाकात

दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) ने शाम साढ़े सात बजे चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मिलने का समय मांगा था। जयराम रमेश इसी पूर्व-निर्धारित बैठक के सिलसिले में अपनी बात रखने पहुंचे थे। लेकिन एंट्री पास और अनुमति के तकनीकी कारणों से उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया, जो बाद में विवाद की मुख्य वजह बन गया।

दिग्गज कांग्रेसी नेताओं का जमावड़ा

मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी रद्द होने के विरोध में कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी। चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर सिर्फ जयराम रमेश ही नहीं, बल्कि केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत कांग्रेस के कई शीर्ष रणनीतिकार और नेता वहां पहुंच गए। कांग्रेस के इस भारी जमावड़े को देखते हुए निर्वाचन सदन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

कांग्रेस संचार प्रभारी का गंभीर आरोप

गेट पर रोके जाने से नाराज वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मीडिया के सामने अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पार्टी उम्मीदवार को अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ अपना आधिकारिक प्रतिवेदन (पेटिशन) सौंपने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “जब हम सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो हमें वेटिंग रूम में जाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है?”

उन्होंने आगे कहा “मैं पिछले 35 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हूँ, संसद सदस्य रह चुका हूँ, लेकिन मुझे यहाँ 10 मिनट से अधिक समय से सड़क पर इंतजार करवाया जा रहा है। हमें जानबूझकर रोका जा रहा है, अपने पूरे राजनीतिक करियर में मैंने चुनाव आयोग का ऐसा तानाशाही रवैया कभी नहीं देखा।”