छतरपुर में बच्चों ने बचाई हिरण की जान, ग्रामीणों ने सुरक्षित जंगल में छोड़ा

छतरपुर छतरपुर जिले के बाजना वन परिक्षेत्र के शाहगढ़ गांव में बुधवार सुबह एक जंगली हिरण भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इस दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेरकर हमला कर दिया। गांव के बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की मदद से हिरण की जान बचाई जा सकी। बच्चों की सूझबूझ से बची जान हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुत्तों को खदेड़कर हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के केरखोरा वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन अमले की देरी पर

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Published On :

मार्च 19, 2026

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छतरपुर

छतरपुर जिले के बाजना वन परिक्षेत्र के शाहगढ़ गांव में बुधवार सुबह एक जंगली हिरण भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इस दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेरकर हमला कर दिया। गांव के बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की मदद से हिरण की जान बचाई जा सकी।

बच्चों की सूझबूझ से बची जान

हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुत्तों को खदेड़कर हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के केरखोरा वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

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वन अमले की देरी पर नाराजगी

ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।

वन विभाग ने जांच के दिए निर्देश

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार जंगली जानवर रास्ता भटककर गांवों में पहुंच जाते हैं। डीएफओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

 

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