MP Flood News : रातभर बाढ़ की समीक्षा, सुबह पीड़ितों के बीच पहुंचे मोहन यादव, बांटी राहत सामग्री

Google News Angle: खबर की शुरुआत में मोहन यादव, रात की बाढ़ समीक्षा, सुबह चित्रकूट दौरा, बाढ़ पीड़ित और राहत सामग्री—इन पांच terms को रखें। रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सा की व्यवस्था की है तथा नुकसान का सर्वे कर आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।

MP Flood News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 30, 2026

MP Flood News : मध्यप्रदेश में लगातार बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। रीवा पहुंचने के बाद उन्होंने बिना देर किए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपात बैठक की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और राहत-बचाव अभियानों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता जल्द से जल्द पहुंचाई जाए।

अधिकारियों से ली राहत-बचाव अभियान की जानकारी

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान संबंधित जिलों के अधिकारियों से जमीनी हालात की जानकारी ली। उन्होंने जलस्तर, प्रभावित आबादी, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों और उपलब्ध राहत संसाधनों की समीक्षा की। सीएम ने स्पष्ट किया कि संकट की स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत दल सक्रिय करने के निर्देश दिए।

सुबह चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे

रीवा में रातभर अधिकारियों के साथ समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 अगस्त की सुबह चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और स्थानीय परिस्थितियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल भी पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने अपनी परेशानियां और नुकसान की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।

प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री

आश्रय स्थल पर मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार मुश्किल की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आश्रय स्थलों में रह रहे लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

अतिवृष्टि से बढ़ा नदियों का जलस्तर

चित्रकूट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में पानी भर गया और कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। इससे घरों में रखा सामान भी प्रभावित हुआ। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन द्वारा समय पर किए गए राहत और बचाव प्रयासों के चलते अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

CM ने बताया पुराने रिकॉर्ड तोड़ने वाली बाढ़

बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चित्रकूट में अतिवृष्टि के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया, जिससे संपत्ति और घरेलू सामान को नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री के मुताबिक चित्रकूट में आई बाढ़ ने पुराने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ऐसे में फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर है।

भोजन और पेयजल की व्यवस्था के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविरों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को किसी भी जरूरी सुविधा के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। अधिकारियों को सूखा राशन और दैनिक जरूरत की सामग्री भी समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मौके पर मौजूद रहें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखें। जलस्तर में होने वाले बदलाव की नियमित निगरानी करने के साथ जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान को तेज करने को कहा गया है। सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

नुकसान का कराया जाएगा विस्तृत सर्वे

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के घरों और संपत्ति को हुए नुकसान का विधिवत आंकलन किया जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों के पशुओं की बाढ़ के कारण मौत हुई है, उनके नुकसान का भी सर्वे किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पात्र लोगों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

जलस्तर घटने के बाद सुरक्षित वापसी पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित तरीके से उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन को राहत शिविरों में रह रहे नागरिकों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराना और नुकसान का आकलन कर उन्हें नियमानुसार सहायता देना है।

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