मच्छरदानी, बिछावन और गैस की लाइन: यूपी के बस्ती में रसोई गैस की भारी किल्लत, महिलाओं और बुजुर्गों की फजीहत

बस्ती उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गैस की भारी किल्लत ने लोगों को सड़कों पर सोने को मजबूर कर दिया है. सिलेंडर पाने की जद्दोजहद में ग्राहक रात 10 बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर मच्छरदानी लगाकर अपना नंबर सुरक्षित कर रहे हैं. प्रशासन की अनदेखी और सप्लाई में कमी के कारण यह अजीबोगरीब वीडियो वायरल हो रहा है. बस्ती जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्टेशन रोड पर स्थित रत्नाकर गैस एजेंसी के बाहर ग्राहकों ने गैस किल्लत के कारण डेरा डाल दिया है. लोग सिलेंडर प्राप्त करने हेतु रात 10 बजे से ही कतारों में लगकर

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Published On :

अप्रैल 1, 2026

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बस्ती
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गैस की भारी किल्लत ने लोगों को सड़कों पर सोने को मजबूर कर दिया है. सिलेंडर पाने की जद्दोजहद में ग्राहक रात 10 बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर मच्छरदानी लगाकर अपना नंबर सुरक्षित कर रहे हैं. प्रशासन की अनदेखी और सप्लाई में कमी के कारण यह अजीबोगरीब वीडियो वायरल हो रहा है.
बस्ती जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्टेशन रोड पर स्थित रत्नाकर गैस एजेंसी के बाहर ग्राहकों ने गैस किल्लत के कारण डेरा डाल दिया है. लोग सिलेंडर प्राप्त करने हेतु रात 10 बजे से ही कतारों में लगकर अपना नंबर सुरक्षित कर रहे हैं. भीषण किल्लत की वजह से एक युवक ने एजेंसी के सामने ही मच्छरदानी लगा ली ताकि वह रात भर सो सके और सुबह सबसे पहले गैस पा सके.

नियमित आपूर्ति न होने के कारण स्थानीय निवासियों, बुजुर्गों और महिलाओं को पूरी रात फुटपाथ पर पहरा देना पड़ रहा है. प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग के बीच लोग रात भर जागने को मजबूर हैं.

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मच्छरदानी लगाकर रात भर पहरा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने गैस वितरण व्यवस्था की पोल खोल दी है. रत्नाकर गैस एजेंसी के सामने लोग बिछावन और मच्छरदानी लेकर पहुंच रहे हैं. गैस सिलेंडर न मिलने के डर से उपभोक्ता घर जाने के बजाय फुटपाथ को ही अपना बसेरा बना चुके हैं. भीषण मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए लोग मच्छरदानी लगाकर वहीं सोने को मजबूर हैं ताकि सुबह एजेंसी खुलते ही उन्हें खाली हाथ न लौटना पड़े.

बुजुर्ग और महिलाएं भी बेहाल
इस किल्लत की सबसे ज्यादा मार बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की सप्लाई नियमित न होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है. घंटों लाइन में लगने के बाद भी गैस न मिलने की हताशा अब नाराजगी में बदल रही है. नाराज ग्राहकों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन को इस अमानवीय स्थिति और असुरक्षित रातों से निजात मिल सके.

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