सीधी जिले में 1641 करोड़ रूपये की समूह जल प्रदाय योजना से 9.67 लाख से अधिक आबादी को मिलेगा लाभ

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पेयजल उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने का आधार स्वच्छ और पर्याप्त जल आपूर्ति है, इसी सोच के साथ ऐसी योजनाओं को गति दी जा रही है। सीधी जिले में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से एक व्यापक और दीर्घकालिक पहल के रूप में सीधी बाणसागर समूह जल प्रदाय योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सीधी के ग्रामीण क्षेत्रों में 1641.52 करोड़ रूपये की लागत से स्वीकृत यह परियोजना क्षेत्रों में पेयजल संकट को स्थायी

Wrriten By :

Editor

Published On :

अप्रैल 16, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पेयजल उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने का आधार स्वच्छ और पर्याप्त जल आपूर्ति है, इसी सोच के साथ ऐसी योजनाओं को गति दी जा रही है। सीधी जिले में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से एक व्यापक और दीर्घकालिक पहल के रूप में सीधी बाणसागर समूह जल प्रदाय योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सीधी के ग्रामीण क्षेत्रों में 1641.52 करोड़ रूपये की लागत से स्वीकृत यह परियोजना क्षेत्रों में पेयजल संकट को स्थायी रूप से दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने बताया कि यह परियोजना केवल पेयजल आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक-आर्थिक सुधार का माध्यम भी बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि किसी भी गांव में पेयजल की समस्या न रहे और हर घर में नल से जल उपलब्ध हो।

योजना के माध्यम से जिले की 9 लाख 67 हजार 119 की आबादी को लाभ मिलेगा, जिसमें 97 हजार 763 परिवार शामिल हैं। योजना के अंतर्गत रामपुर नैकिन विकासखण्ड के 185 ग्राम, सीधी विकासखण्ड के 193 ग्राम और सिहावल विकासखण्ड के 299 ग्राम को जोड़ा गया है, इस प्रकार कुल 677 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

योजना में बाणसागर जलाशय से जल लेकर 125 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल तथा 3500 मीटर लंबी रॉ वॉटर पंपिंग मेन के माध्यम से जल संग्रह किया जाएगा। इसके बाद 100 एमएलडी क्षमता के आधुनिक जल शोधन संयंत्र में जल का शुद्धिकरण कर 25 हजार 340 मीटर लंबी क्लीयर वॉटर पंपिंग मेन के जरिए विभिन्न जल संरचनाओं तक पहुंचाया जाएगा। इसके अंतर्गत एक पी.एम.बी.आर. और 12 एम.बी.आर. का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही 1356.233 किलोमीटर लंबी ग्रेविटी मेन और 3172.350 किलोमीटर लंबी जल वितरण नलिकाओं का विस्तृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा। योजना में 208 उच्चस्तरीय टंकियों का निर्माण भी शामिल है, जो जल भंडारण और वितरण को सुचारू बनाएंगी।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि योजना के अंतर्गत 97 हजार 763 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे, जिससे प्रत्येक परिवार तक सीधे नल से जल पहुंच सकेगा। इससे ग्रामीणों को दूरस्थ स्रोतों से पानी लाने की समस्या से मुक्ति मिलेगी और ग्रामीणों के समय एवं श्रम की बचत होगी। योजना लगभग एक वर्ष में पूर्ण हो जाएगी। यह योजना न केवल पेयजल आपूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह राज्य सरकार के उस संकल्प को भी दर्शाती है, जिसमें हर नागरिक को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सीधी जिले के लिए यह योजना विकास की नई धारा लेकर आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वस्थ बनाएगी।

 

Leave a Comment

2