Moradabad News: सर्किट हाउस में नमाज का वीडियो वायरल, सपा नेता पर FIR; अब सियासत भी गरम

मुरादाबाद के सरकारी सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। वीडियो में सपा जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान नमाज पढ़ते नजर आ रहे हैं। हिंदू संगठन की आपत्ति के बाद पुलिस ने BNS की धारा 285 और 292 के तहत FIR दर्ज की। मामले पर पवन खेड़ा ने भी सवाल उठाए हैं।

Moradabad News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 5, 2026

Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सरकारी सर्किट हाउस परिसर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद मामला चर्चा में आया। वीडियो में समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान एक खड़ी कार के पास नमाज पढ़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद एक हिंदू संगठन ने आपत्ति जताई और मामला पुलिस तक पहुंच गया।

सरकारी परिसर में नमाज को लेकर सपा नेता पर FIR

बताते चले कि, पुलिस ने हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 285 और 292 के तहत एफआईआर दर्ज की है। धारा 285 सार्वजनिक रास्ते या आवागमन की जगह पर खतरा या रुकावट पैदा करने से संबंधित है, जबकि धारा 292 सार्वजनिक उपद्रव से जुड़ी है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बीच अब सरकारी परिसर में धार्मिक गतिविधि को लेकर बहस भी तेज हो गई है।

मुरादाबाद सर्किट हाउस में सपा नेताओं की हुई थी समीक्षा बैठक

मिली जानकारी के अनुसार, बताया जा रहा है कि पूरा मामला 3 सितंबर का है। उस दिन मुरादाबाद के सर्किट हाउस में समाजवादी पार्टी के नेताओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत सर्किट हाउस में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उन्होंने स्थानीय सपा नेताओं के साथ बैठक की थी।

बैठक के बाद सर्किट हाउस परिसर में पढ़ी गई नमाज

जानकारी के मुताबिक, समीक्षा बैठक खत्म होने के बाद हाजी मोहम्मद उस्मान सर्किट हाउस से बाहर आए और लॉन के पास एक खड़ी कार के नजदीक नमाज पढ़ी। इसी दौरान कथित तौर पर एक सपा कार्यकर्ता द्वारा बनाया गया वीडियो सामने आया, जिसमें उस्मान नमाज पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया।

वीडियो वायरल होने के बाद मुरादाबाद में शुरू हुई बहस

शुक्रवार को वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इसको लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगी। विवाद मुख्य रूप से इस सवाल पर केंद्रित हो गया कि सरकारी परिसर में धार्मिक गतिविधि की अनुमति होनी चाहिए या नहीं। कुछ लोगों ने इसे व्यक्ति की धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने सरकारी संपत्ति में नमाज पढ़े जाने की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।

हिंदू संगठन की आपत्ति के बाद पुलिस कार्रवाई

वीडियो सामने आने के बाद एक हिंदू संगठन की ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अब वीडियो, घटनास्थल और उस समय की परिस्थितियों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

हाजी मोहम्मद उस्मान का सपा से क्या कनेक्शन है?

हाजी मोहम्मद उस्मान समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हैं। वह बिलारी विधानसभा सीट से विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा भी बताए जा रहे हैं। इसी राजनीतिक कनेक्शन के चलते यह मामला अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर सियासी चर्चा का विषय भी बन गया है।

पवन खेड़ा ने मुरादाबाद FIR पर उठाए सवाल

मामले पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें उनकी मुस्लिम पहचान के कारण निशाना बनाया जा रहा है। पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मामले को लेकर तीखी टिप्पणी की और कार्रवाई को शर्मनाक बताया।

सरकारी परिसर में नमाज पर FIR से सियासी बहस तेज

मुरादाबाद सर्किट हाउस नमाज विवाद अब सरकारी परिसरों में धार्मिक गतिविधियों को लेकर बड़ी बहस का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई हुई है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता ने एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आगे की स्थिति जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

मुरादाबाद नमाज विवाद में जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल इस पूरे मामले की शुरुआत 3 सितंबर को सर्किट हाउस में हुई सपा नेताओं की बैठक के बाद सामने आए वीडियो से हुई। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद आपत्तियां उठीं और पुलिस ने BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और सरकारी परिसर में नमाज को लेकर लागू नियमों का इस मामले में क्या प्रभाव पड़ता है।