UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के गठन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पूर्व राज्य मंत्री मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही आयोग में आठ सदस्यों के नामों का भी ऐलान किया गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से 8 सितंबर 2026 को कार्यालय आदेश जारी किया गया। नई नियुक्तियां उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1994 के तहत की गई हैं।
मोहसिन रजा बने अल्पसंख्यक आयोग के नए अध्यक्ष
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, सरकारी आदेश के मुताबिक लखनऊ निवासी मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोहसिन रजा इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग के राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। अब सरकार ने उन्हें अल्पसंख्यक आयोग का नेतृत्व सौंपा है।
योगी सरकार में मंत्री रह चुके हैं मोहसिन रजा
मोहसिन रजा का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय नेताओं में शामिल रहा है। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी दी गई थी। मंत्री के तौर पर वह मुस्लिम वक्फ और हज से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार का पक्ष रखते रहे हैं। अब आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनकी नई भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अल्पसंख्यक आयोग में 8 नए सदस्यों की नियुक्ति
अध्यक्ष के अलावा राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग में आठ सदस्यों की नियुक्ति भी की है। सरकारी आदेश के अनुसार संदीप जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, सरदार हनप्रीत सिंह बेदी, मोहम्मद असलम, सरदार परविन्दर सिंह, सुश्री नेहा खान, सैयद सिराज अब्बास रिजवी और श्रीमती रूमाना सिद्दीकी को आयोग का सदस्य बनाया गया है।
अलग-अलग जिलों से आए अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य
नवनियुक्त सदस्यों की बात करें तो संदीप जैन एटा, अंशुमान कुमार सिंह मैसी शाहजहांपुर, सरदार हनप्रीत सिंह बेदी मुजफ्फरनगर और मोहम्मद असलम फतेहपुर के निवासी हैं। वहीं सरदार परविन्दर सिंह लखनऊ, नेहा खान अंबेडकरनगर, सैयद सिराज अब्बास रिजवी आजमगढ़ और रूमाना सिद्दीकी लखनऊ की निवासी हैं।
यूपी अल्पसंख्यक आयोग में कुल 9 लोगों की टीम
नई नियुक्तियों के बाद उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष समेत कुल नौ लोगों की टीम होगी। इसमें मोहसिन रजा अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे, जबकि आठ अन्य सदस्य आयोग के कामकाज में जिम्मेदारी संभालेंगे। अलग-अलग जिलों से सदस्यों को शामिल किए जाने से आयोग में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व भी देखने को मिल रहा है।
अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम के तहत हुआ गठन
बताते चले कि, राज्य सरकार की ओर से जारी कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1994 के तहत की गई है। आयोग का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों और उनके हितों से संबंधित मामलों पर काम करना है। नई टीम के गठन के बाद आयोग के कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी इन सभी पदाधिकारियों पर होगी।
2027 से पहले यूपी की राजनीति में नियुक्ति के मायने
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर मोहसिन रजा को अध्यक्ष बनाए जाने से सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो सकती हैं। अब देखना होगा कि नई टीम अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों पर किस तरह काम करती है और आयोग की प्राथमिकताएं क्या रहती हैं।










