Madhya Pradesh Politics : भोपाल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी के रुख पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बात पर आत्ममंथन करना चाहिए कि जिस चुनावी और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए पार्टी को कई राज्यों में सरकार बनाने का अवसर मिला, उसी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर अब लगातार सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। मोहन यादव का बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं।
जीत में भरोसा और हार में सवाल, कांग्रेस से पूछा सवाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पार्टी को चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है, तो फिर केरल जैसे राज्यों में कांग्रेस की जीत को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव एक तय संवैधानिक व्यवस्था के तहत होते हैं और जनता का फैसला लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बीजेपी का तर्क है कि चुनावी नतीजे पक्ष में आने पर संस्थाओं पर भरोसा और विपरीत परिणाम आने पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

चुनावी हार पर संगठन की कमजोरी तलाशने की सलाह
मोहन यादव ने कांग्रेस को चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करने की सलाह दी। उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के कमजोर होते जनाधार पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पार्टी को यह देखना चाहिए कि आखिर इन राज्यों में संगठन और कार्यकर्ताओं की स्थिति कमजोर क्यों हुई। मुख्यमंत्री के मुताबिक चुनावी प्रदर्शन में गिरावट के कारणों को पार्टी के नेतृत्व, संगठन और रणनीति के स्तर पर तलाशने की जरूरत है।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी मोहन यादव का हमला
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने के बजाय कांग्रेस को संगठन मजबूत करने और जनता के बीच अपना भरोसा बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। मोहन यादव ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था के तहत चुनाव आयोग के माध्यम से संचालित होती है।

SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने-सामने
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विपक्षी दलों का विरोध राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल लगातार उठा रहे हैं। दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा भी राजनीतिक विवाद का हिस्सा बना। वहीं चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के Form-6 से जुड़े कुछ आरोपों को भ्रामक बताते हुए अपना पक्ष सामने रखा है।
मोदी सरकार के समर्थन में भी बोले मोहन यादव
मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में खड़ा है और प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सम्मान तथा प्रधानमंत्री पद की गरिमा को नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को कमजोर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने कांग्रेस को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जनता के बीच अपना विश्वास मजबूत करने की सलाह दी।
चुनाव से पहले और तेज हो सकती है सियासी लड़ाई
मोहन यादव का बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस जहां चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी कांग्रेस से उसके चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक कमजोरियों का हिसाब मांग रही है। ऐसे में आने वाले चुनावों से पहले चुनाव आयोग का मुद्दा राजनीतिक बहस का अहम केंद्र बन सकता है।
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