PM Modi in G7 Summit: मोदी और ट्रंप की टेबल पर आए वो चार मुद्दे, जिसने बढ़ाई दुनिया की धड़कन

G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई अहम मुलाकात में चार ऐसे मुद्दों पर चर्चा हुई, जिन्होंने वैश्विक राजनीति और कूटनीति की दिशा को लेकर नई अटकलें पैदा कर दी हैं। आखिर क्या रहे वे मुद्दे और क्यों बढ़ी दुनिया की धड़कन?

PM Modi in G7 Summit

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 17, 2026

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PM Modi in G7 Summit: फ्रांस की खूबसूरत वादियों में चल रहे प्रतिष्ठित जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के बीच आज एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटनाक्रम होने जा रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज यानी 17 जून को एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक निर्धारित की गई है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक पर न केवल भारत और अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया के नीति निर्माताओं की निगाहें टिकी हुई हैं।

हालांकि, इस व्यापक वार्ता के दौरान दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच आर्थिक विकास को गति देने, वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, आपसी निवेश साझेदारी को सुदृढ़ करने और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था जैसे कई गंभीर एवं दूरगामी विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। लेकिन राजनयिक गलियारों और विश्वसनीय समाचार एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस महाबैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मुख्य रूप से चार सबसे बड़े वैश्विक और रणनीतिक मुद्दों पर ही केंद्रित रहने वाला है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली मुलाकात

रणनीतिक दृष्टिकोण से यह बैठक इसलिए भी बेहद खास और संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि पिछले वर्ष पाकिस्तान के खिलाफ अंजाम दिए गए भारत के साहसिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की द्विपक्षीय मुलाकात है। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बाद दोनों वैश्विक महाशक्तियों के राष्ट्रध्यक्ष पूरे 16 महीने के लंबे अंतराल के बाद एक मंच पर सीधे संवाद करने जा रहे हैं।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में जिन चार प्रमुख रणनीतिक मुद्दों पर सबसे ज्यादा गहन मंथन होने की उम्मीद है, उनमें पहला है- तेजी से गहराता पश्चिम एशिया संकट, दूसरा- वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद संवेदनशील ‘होर्मुज स्ट्रेट’ की सुरक्षा, तीसरा- अमेरिका से भारत द्वारा किया जाने वाला ऊर्जा आयात और चौथा- दोनों देशों के बीच लंबित पड़ा महत्वपूर्ण व्यापार समझौता। दरअसल, भारत और अमेरिका ऊर्जा क्षेत्र में एक दीर्घकालिक और अटूट साझेदारी स्थापित करने के लिए बेहद उत्सुक नजर आ रहे हैं। वहीं, दोनों देशों के बीच चल रहा द्विपक्षीय व्यापार समझौता भी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, और माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों के भीतर इस पर अंतिम मुहर लग जाएगी।

वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता मान

इस समय संपूर्ण विश्व समुदाय की नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस रणनीतिक मुलाकात से निकलने वाले परिणामों पर टिकी हुई हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के विशेष और आधिकारिक निमंत्रण पर इस साल जी-7 समिट का हिस्सा बनने पहुंचे हैं। जैसे ही पीएम मोदी फ्रांस की धरती पर उतरे, वहां के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बेहद गर्मजोशी और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया। दोनों ही वैश्विक नेताओं ने अपनी अटूट दोस्ती का प्रदर्शन करते हुए एक-दूसरे को गले लगाकर अभिवादन स्वीकार किया। इस बेहद खास और गौरवपूर्ण पल के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत जी-7 देशों के अन्य तमाम शीर्ष नेता और राष्ट्राध्यक्ष भी वहां मौजूद थे, जो भारत की बढ़ती हुई वैश्विक साख को साफ तौर पर बयां कर रहा था।

लगातार 7वीं बार जी-7 समिट का हिस्सा बने मोदी

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भारत को इस बार 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन में एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार देश (Partner Country) के रूप में विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है, और आज इस तीन दिवसीय वैश्विक समिट का आखिरी दिन है। भारतीय कूटनीति के इतिहास में यह जी-7 समिट में भारत की कुल 13वीं गौरवशाली भागीदारी है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान यह लगातार 7वीं बार है जब वे व्यक्तिगत रूप से देश का प्रतिनिधित्व करने इस मंच पर मौजूद हैं।

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि जी-7 जैसे प्रभावशाली मंच पर भारत की यह निरंतर और सक्रिय भागीदारी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि विश्व में शांति की स्थापना, वैश्विक सुरक्षा, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे अत्यंत जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को सुलझाने में भारत की भूमिका और उसके अमूल्य योगदान को आज पूरी दुनिया अत्यंत सम्मान और महत्व दे रही है।

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