Modi Cabinet 2.0: 21 मई की बैठक में बड़े बदलाव के संकेत, देश के लिए तैयार हो रहा है बचत का नया फॉर्मूला

मोदी कैबिनेट 2.0 की 21 मई को होने वाली बैठक ने हलचल मचा दी है। पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए एक ऐसा "बचत का नया फॉर्मूला" तैयार कर रहे हैं जो हर भारतीय की जेब पर सीधा असर डालेगा। क्या इस बैठक में होगा कैबिनेट का बड़ा विस्तार?

Modi Cabinet 2.0

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 15, 2026

Modi Cabinet 2.0:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आगामी 21 मई 2026 को मंत्रिपरिषद की एक अहम बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक में सभी केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और अन्य राज्य मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का प्राथमिक एजेंडा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा करना है। प्रधानमंत्री स्वयं विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

कैबिनेट फेरबदल की सुगबुगाहट: जून के दूसरे सप्ताह में विस्तार संभव

मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने की वर्षगांठ से पहले राजधानी के गलियारों में कैबिनेट फेरबदल और विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि मौजूदा सरकार ने 10 जून 2024 को शपथ ली थी। दो साल का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि जून के दूसरे सप्ताह में कैबिनेट का नया स्वरूप सामने आ सकता है, जिसमें कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है और कुछ के विभागों में परिवर्तन किया जा सकता है।

देशहित में बचत की अपील: सोना और ईंधन पर पीएम का संदेश

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में अपनी रैलियों में की गई ‘बचत की अपील’ पर भी मंत्रियों से फीडबैक ले सकते हैं। प्रधानमंत्री ने 10 और 11 मई को चुनावी जनसभाओं में जनता से देशहित में कुछ कड़े फैसले लेने का आग्रह किया था। उन्होंने विशेष रूप से सोने के आयात को कम करने के लिए लोगों से अपील की है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य न हों, तब तक सोने की खरीद और दान को टाल दिया जाए। पीएम ने स्पष्ट किया कि सोने के आयात पर देश का विदेशी मुद्रा भंडार बड़े पैमाने पर खर्च होता है, जिसे बचाना वर्तमान समय की मांग है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कार पूलिंग: ईंधन खपत कम करने की रणनीति

प्रधानमंत्री ने वडोदरा और अन्य रैलियों में ईंधन की बचत पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने लोगों से निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का उपयोग करने का आह्वान किया। पीएम ने ‘कार पूलिंग’ को बढ़ावा देने की बात कही है ताकि अनावश्यक वाहन उपयोग को कम किया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की खपत को आधा करने और प्राकृतिक खेती की ओर तेजी से बढ़ने का लक्ष्य रखा है। सरकार का मानना है कि इन छोटे बदलावों से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।

विदेश यात्रा और खाद्य तेल: प्रधानमंत्री की 10 सूत्रीय सलाह

पीएम मोदी ने देशवासियों से अपनी जीवनशैली में कुछ समय के लिए बदलाव करने का आग्रह किया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि छुट्टियों या शादियों के लिए विदेश यात्रा को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। साथ ही, उन्होंने खाद्य तेल के कम उपयोग की भी सलाह दी है, क्योंकि इसके आयात पर भी बड़ी राशि खर्च होती है। प्रवासी भारतीयों से उन्होंने अपील की है कि वे कम से कम पांच विदेशी मेहमानों को भारत भ्रमण के लिए प्रेरित करें, जिससे देश के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिल सके।

मोदी 3.0 कार्यकाल का सफरनामा: अब तक की प्रमुख बैठकें

सरकार के तीसरे कार्यकाल में अब तक कई मील के पत्थर स्थापित किए गए हैं। 10 जून 2024 को पहली कैबिनेट बैठक में 3 करोड़ नए घरों (PMAY) को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद जुलाई 2024 में बजट पूर्व बैठकों में बुनियादी ढांचे और रोजगार पर ध्यान केंद्रित किया गया। 27 जुलाई को नीति आयोग की बैठक में ‘विकसित भारत 2047’ का रोडमैप तैयार किया गया। वर्ष 2025 के दौरान भी रेलवे, रक्षा खरीद, एआई मिशन और नई शिक्षा नीति जैसे बड़े विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। 21 मई की यह बैठक आगामी रणनीतियों के लिए दिशा-निर्देश तय करेगी।

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