मोबाइल नोटिफिकेशन बना जाल, यमुनानगर में ASI के खाते से लाखों रुपये गायब

यमुना नगर. रेलवे पुलिस के एएसआइ साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आया। जिस पर क्लिक किया तो मोबाइल बंद हो गया। उस समय अधिक ध्यान नहीं दिया। कई दिन तक इसी तरह से मोबाइल बंद होता रहा। बाद में खाता चेक किया तो उसमें से यूपीआइ के माध्यम से 3.27 लाख रुपये साफ हो चुके थे। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उनकी पत्नी के बयान पर मामला दर्ज किया है। नरेंद्रनगर निवासी आशा रानी ने बताया कि उसका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। पति रेलवे पुलिस में एएसआइ हैं। इस समय उनकी ड्यूटी उत्तर

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Published On :

जून 30, 2026

यमुना नगर.

रेलवे पुलिस के एएसआइ साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आया। जिस पर क्लिक किया तो मोबाइल बंद हो गया। उस समय अधिक ध्यान नहीं दिया। कई दिन तक इसी तरह से मोबाइल बंद होता रहा।

बाद में खाता चेक किया तो उसमें से यूपीआइ के माध्यम से 3.27 लाख रुपये साफ हो चुके थे। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उनकी पत्नी के बयान पर मामला दर्ज किया है। नरेंद्रनगर निवासी आशा रानी ने बताया कि उसका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। पति रेलवे पुलिस में एएसआइ हैं। इस समय उनकी ड्यूटी उत्तर प्रदेश के लखनऊ में है। बैंक खाते को गूगल पे से पति ने अपने मोबाइल में लिंक किया हुआ है। 27 जून को पति ड्यूटी से छुट्टी पर यमुनानगर आए हुए थे। बच्चों का दाखिला चेक करने के लिए पति ने गूगल पे पर बैलेंस चेक किया तो खाते में कुल चार हजार रुपये ही थे। यह देखकर हैरान रह गए। जिस पर तुरंत बैंक में गए।

वहां जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि किसी ने धोखे से यूपीआइ के माध्यम से अलग-अलग कर खाते से तीन लाख 27 हजार 999 रुपये निकाल लिए। वहीं एक अन्य मामले में प्रतापनगर निवासी युवती को निवेश के नाम पर ठग लिया गया। टेलीग्राम आइडी पर आए मैसेज से वह साइबर ठगों के जाल में फंस गई। उसे निवेश कर लाभ कमाने का झांसा दिया गया। उसने अलग-अलग कर एक लाख 71 हजार रुपये निवेश किए। शुरूआत में उसकी आइडी पर लाभ दिखता रहा। बाद में आइडी ब्लाक हो गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।