West Bengal Election 2026: मिथुन चक्रवर्ती के ‘ICU’ वाले बयान से बंगाल में सियासी भूचाल, TMC बोली- ‘क्या यही है महिलाओं का सम्मान?’

बंगाल चुनाव 2026 से पहले मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा धमाका! पीएम मोदी की मौजूदगी में मंच से दिया 'ICU' वाला बयान अब टीएमसी के गले की फांस बन गया है। क्या मिथुन की यह चेतावनी चुनावी हिंसा का संकेत है या सिर्फ एक सियासी दांव? जानिए इस विवाद के पीछे का पूरा सच।

West Bengal Election 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 15, 2026

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही जुबानी हमलों का स्तर व्यक्तिगत और आक्रामक होता जा रहा है। इस बार विवाद के केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती हैं। कोलकाता के एक सार्वजनिक मंच से दिए गए उनके एक हालिया बयान ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। मिथुन चक्रवर्ती की इस ‘चेतावनी’ को टीएमसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सीधी शारीरिक धमकी और अपमान के तौर पर लिया है, जिससे बंगाल का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

‘हाथ-पैर के बाद अब कुछ और टूटेगा’: मिथुन की तीखी चेतावनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान आयोजित एक जनसभा में मिथुन चक्रवर्ती अपने पुराने ‘फिल्मी और आक्रामक’ अंदाज में नजर आए। मंच से हुंकार भरते हुए उन्होंने कहा कि वह विपक्षी खेमे को पहले ही आगाह कर रहे हैं। उन्होंने पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए तंज कसा कि पहले एक बार हाथ टूटा था और एक बार पैर, लेकिन इस बार स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। मिथुन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस बार कुछ और भी टूट सकता है, जिससे सामने वाले को सीधे आईसीयू (ICU) में भर्ती होना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत तंज और ICU का जिक्र

मिथुन चक्रवर्ती यहीं नहीं रुके, उन्होंने जनता से संवाद करते हुए पूछा कि जरा कल्पना कीजिए कि अगर कोई आईसीयू से ही भाषण देने लगे, तो वह नजारा कैसा होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मिथुन का यह बयान सीधे तौर पर ममता बनर्जी के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान लगी चोटों और उनके व्हीलचेयर से किए गए चुनाव प्रचार की ओर इशारा था। टीएमसी ने इसे मुख्यमंत्री की शारीरिक स्थिति का मजाक उड़ाने और एक महिला नेता के प्रति नफरत फैलाने वाला बयान करार दिया है।

टीएमसी का पलटवार: ‘बीजेपी का असली चेहरा बेनकाब’

जैसे ही मिथुन चक्रवर्ती के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तृणमूल कांग्रेस ने हमलावर रुख अपना लिया। पार्टी ने अपने आधिकारिक हैंडल से बयान जारी कर इसे “गैर-जिम्मेदाराना और घृणास्पद” बताया। टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी के नेता एक निर्वाचित महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि जो भाजपा ‘नारी शक्ति’ की बात करती है, क्या उसके नेताओं के मन में महिलाओं के प्रति यही सम्मान है? टीएमसी के अनुसार, बंगाल की जनता इस तरह की घटिया मानसिकता को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

चुनावी दहलीज पर बंगाल: हिंसा और जुबानी जंग का मेल

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होने वाला है और ऐसे नाजुक समय में नेताओं की मर्यादा टूटती दिख रही है। हाल ही में कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें और पथराव भी देखने को मिला था। बंगाल की राजनीति का इतिहास गवाह है कि यहाँ चुनावी मुकाबला अक्सर हिंसक मोड़ ले लेता है। मिथुन चक्रवर्ती जैसे बड़े चेहरे का यह बयान न केवल राजनीतिक कड़वाहट बढ़ाएगा, बल्कि जमीन पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं के बीच भी तनाव को और ज्यादा हवा दे सकता है।

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