अमेरिकी दूतावास पर बगदाद में हेलीपैड पर मिसाइल और ड्रोन से हमला

बगदाद इराक की राजधानी बगदाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले 'ग्रीन ज़ोन' में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा हमला हुआ है. इराकी अधिकारियों के अनुसार, दूतावास परिसर के भीतर मौजूद हेलीपैड को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई है. हमले के तुरंत बाद दूतावास परिसर से काला धुआं निकलता देखा गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है. अमेरिकी दूतावास में लगे रडार सिस्टम को एक आत्मघाती ड्रोन द्वारा निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर से धुएं का गुबार उठता साफ दिखाई दे रहा है. हालांकि, अभी तक दूतावास

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Published On :

मार्च 14, 2026

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बगदाद

इराक की राजधानी बगदाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले 'ग्रीन ज़ोन' में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा हमला हुआ है. इराकी अधिकारियों के अनुसार, दूतावास परिसर के भीतर मौजूद हेलीपैड को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई है. हमले के तुरंत बाद दूतावास परिसर से काला धुआं निकलता देखा गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है. अमेरिकी दूतावास में लगे रडार सिस्टम को एक आत्मघाती ड्रोन द्वारा निशाना बनाया गया।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर से धुएं का गुबार उठता साफ दिखाई दे रहा है. हालांकि, अभी तक दूतावास के भीतर किसी के हताहत होने या सटीक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी पक्ष से नहीं की गई है. सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में 'इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस' ने अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों पर भारी इनाम की घोषणा की थी और एक अमेरिकी विमान को मार गिराने का दावा किया था।

माना जा रहा है कि यह हमला उसी कड़ी का हिस्सा हो सकता है. दूतावास पर हमला सीधे तौर पर वाशिंगटन को दी गई एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
बगदाद में अमेरिकी दूतावास सबसे सुरक्षित राजनयिक परिसरों में से एक माना जाता है. इसके बावजूद मिसाइल का हेलिपैड तक पहुंचना सुरक्षा में एक बड़ी सेंध मानी जा रही है।

ईरान को घुटनों पर लाने का ट्रंप कार्ड? 

फारस की खाड़ी के शांत दिखने वाले नीले पानी के बीच एक छोटा सा द्वीप है – खार्ग आइलैंड. आकार में यह इतना छोटा है कि पहली नजर में इसे मैप पर ढूंढना भी मुश्किल लगता है. लेकिन आज यही छोटा सा द्वीप वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और सैन्य रणनीति के केंद्र में आ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐलान किया कि अमेरिकी सेना ने खार्ग आइलैंड पर बड़ा सैन्य हमला किया है. ट्रंप के मुताबिक यह हमला "मध्य पूर्व के इतिहास की सबसे शक्तिशाली बमबारी में से एक" था, जिसमें द्वीप पर मौजूद लगभग सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस द्वीप को ईरानी शासन का "क्राउन ज्वेल" यानी सबसे कीमती संपत्ति बताया. उन्होंने यह भी कहा कि हमले के दौरान जानबूझकर तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को बाधित करने के आरोप लग रहे हैं. यही वजह है कि अचानक खार्ग आइलैंड अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है.खार्ग आइलैंड आकार में सिर्फ 20 वर्ग किलोमीटर का है. इसकी चौड़ाई करीब 3 मील और लंबाई लगभग 7 मील है. यह ईरान के बुशेहर प्रांत के तट से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है. द्वीप की आबादी बहुत बड़ी नहीं है. यहां लगभग 3,000 से 5,000 लोग रहते हैं. इनमें स्थानीय मछुआरों के परिवार, ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी के कर्मचारी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के सैनिक शामिल हैं।

 

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