Mirzapur News: मिर्जापुर के अहरौरा इलाके में एक क्रेशर प्लांट में उस समय हड़कंप मच गया, जब डस्ट हटाने के दौरान मशीन का भारी हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। देखते ही देखते प्लांट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा प्रशासन को इसकी जानकारी दी।
क्रेशर प्लांट हादसे में चार मजदूरों के दबे होने की चर्चा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा फैल गई कि मशीन के मलबे के नीचे करीब चार मजदूर दबे हो सकते हैं। हालांकि, देर शाम तक पुलिस और प्रशासन की ओर से किसी मजदूर के मलबे में दबे होने या मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। ऐसे में फिलहाल मजदूरों के दबे होने की बात को आशंका के तौर पर ही देखा जा रहा है।
अहरौरा के क्रेशर प्लांट में दोपहर करीब 3 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 3 बजे अहरौरा क्षेत्र में पिंटू सिंह पटेल के क्रेशर प्लांट में हुई। बताया जा रहा है कि प्लांट में डस्ट हटाने का काम चल रहा था। इसी दौरान मशीन का एक भारी हिस्सा अचानक टूट गया और नीचे गिर पड़ा। भारी मशीनरी के गिरने से मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
मिर्जापुर क्रेशर हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू की। अधिकारियों की प्राथमिकता यह पता लगाने की है कि हादसे के समय प्लांट के भीतर कितने मजदूर मौजूद थे।
मलबे में मजदूरों के दबे होने की आशंका
स्थानीय लोगों की ओर से करीब चार मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। लेकिन पुलिस और प्रशासन ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों की ओर से मौके पर मौजूद लोगों और प्लांट से जुड़े व्यक्तियों से जानकारी ली जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे के वक्त वास्तव में कितने कर्मचारी या मजदूर वहां काम कर रहे थे।
क्रेशर प्लांट हादसे के वक्त मालिक मौके पर नहीं थे
हादसे को लेकर एक अहम बात यह सामने आई है कि घटना के समय प्लांट मालिक या कोई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। इसके चलते पुलिस के सामने घटनास्थल की वास्तविक स्थिति और वहां मौजूद मजदूरों की संख्या का पता लगाना चुनौती बन गया है। पुलिस ने प्लांट से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।
सीओ गायत्री यादव ने मिर्जापुर हादसा स्थल का किया निरीक्षण
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। सीओ गायत्री यादव भी मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने हादसे से जुड़ी जानकारी ली और मौके की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही एसडीएम स्तर से भी मामले की जांच की जा रही है।
मिर्जापुर क्रेशर हादसे की जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मशीन का भारी हिस्सा किन परिस्थितियों में टूटा और गिरा तथा हादसे के वक्त प्लांट में कितने मजदूर मौजूद थे। पुलिस ने देर शाम तक किसी मजदूर की मौत या मलबे में दबे होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अब प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।








