Middle East Crisis: UNSC में भारत की दोटूक, भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर दिया जोर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। भारत ने वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा करते हुए तनाव कम करने, समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने और बातचीत से समाधान निकालने की अपील की। क्या अंतरराष्ट्रीय प्रयास नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएंगे?

Middle East Crisis

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 16, 2026

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Middle East Crisis : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में मिडिल ईस्ट की स्थिति पर आयोजित खुली बहस के दौरान भारत ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संघर्ष पर गंभीर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतानेनी हरीश ने कहा कि मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और स्थिरता भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र से भारत के आर्थिक, रणनीतिक और मानवीय हित जुड़े हुए हैं।

GCC देशों में करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा अहम

पर्वतानेनी हरीश ने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं और वहां की अर्थव्यवस्थाओं में योगदान देते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, भलाई और हितों की रक्षा करना भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने से भारतीय नागरिकों और व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है।

आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा

भारत ने हाल के दिनों में आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। हरीश ने कहा कि इन घटनाओं में कई लोगों की जान गई है। उन्होंने रियाद में मारे गए भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली का भी उल्लेख किया। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के प्रति एकजुटता जताई।

भारतीय झंडे वाले जहाजों पर हमले को बताया गंभीर मामला

समुद्री सुरक्षा पर चिंता जताते हुए भारतीय प्रतिनिधि ने भारतीय झंडे वाले व्यावसायिक जहाज ‘एमवी डीपी वर्ल्ड कावेरी’ पर हुए हमले का उल्लेख किया। उन्होंने पिछले सप्ताह ‘एमटी पेट्रो डॉल्फिन’ और ‘एमटी वाल्थेरा’ पर हुए हमलों को भी चिंताजनक बताया। भारत के अनुसार, व्यावसायिक जहाजों और उन पर काम करने वाले नाविकों को निशाना बनाना कानूनी और नैतिक रूप से गलत है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत की प्राथमिकता

हरीश ने कहा कि इन जहाजों पर भारतीय नाविक मौजूद हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की जिम्मेदारी है। उन्होंने संकट के दौरान भारतीय नाविकों की सहायता करने के लिए ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों का आभार जताया। भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने, संयम बरतने और बातचीत तथा कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की।

अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही की मांग

भारत ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्र में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता और समुद्री व्यापार का सुरक्षित प्रवाह बनाए रखना आवश्यक है। हरीश ने चेतावनी दी कि बार-बार होने वाले हमले पहले से संवेदनशील क्षेत्र की स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने व्यावसायिक जहाजों, नाविकों और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की मांग की।

पीएम मोदी के नाविक सहायता नेटवर्क प्रस्ताव का जिक्र

हरीश ने BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए आपातकालीन नाविक सहायता नेटवर्क के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया। प्रस्तावित नेटवर्क के जरिए संबंधित देशों के समुद्री प्राधिकरणों और दूतावासों को जोड़ा जा सकता है। संकट के समय इससे अलर्ट भेजने, चिकित्सा सहायता, परिवारों से संपर्क और जरूरत पड़ने पर नाविकों को सुरक्षित निकालने में मदद मिल सकती है।भारत ने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता, नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार की निर्बाध आवाजाही के लिए तनाव घटाना और कूटनीतिक प्रयास तेज करना जरूरी है।

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