वोट के लिए कत्लेआम? 7 दिन में 500 कुत्ते मारे गए, कई गांवों में मचा हड़कंप

नई दिल्ली चुनावी वादा पूरा करने में नेताओं का रिकॉर्ड भले ही खराब रहता हो, लेकिन हाल ही में तेलंगाना से चुनावी वादा को पूरा करने के लिए कुत्तों की हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कुछ गांव के सरपंचों ने लोगों से किया हुआ वादा निभाने के चक्कर में एक सप्ताह में करीब 500 कुत्तों को मार डाला है। घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।   समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में कई गांवों में 500 कुत्तों को जहर देकर मार दिया गया। पशु कल्याण कार्यकर्ता अडुलापुरम गौतम द्वारा 12

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Published On :

जनवरी 14, 2026

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नई दिल्ली
चुनावी वादा पूरा करने में नेताओं का रिकॉर्ड भले ही खराब रहता हो, लेकिन हाल ही में तेलंगाना से चुनावी वादा को पूरा करने के लिए कुत्तों की हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कुछ गांव के सरपंचों ने लोगों से किया हुआ वादा निभाने के चक्कर में एक सप्ताह में करीब 500 कुत्तों को मार डाला है। घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।
 
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में कई गांवों में 500 कुत्तों को जहर देकर मार दिया गया। पशु कल्याण कार्यकर्ता अडुलापुरम गौतम द्वारा 12 जनवरी को दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कामारेड्डी जिले के भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाडी और बंदारमेश्वरपल्ली सहित कई गांवों में आवारा कुत्तों को योजनाबद्ध तरीके से मारा गया। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो-तीन दिनों में ही लगभग 200 कुत्तों को मारा गया है।

सरपंचों ने करवाई हत्या
शिकायत के मुताबिक गौतम को 12 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे कुत्तों की कथित सामूहिक हत्या को लेकर विश्वसनीय जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि ये काम गांव के सरपंचों के कहने पर किए गए। हत्याओं को क्रूर बताते हुए गौतम ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कुत्तों को लगाए गए जहरीले इंजेक्शन
वहीं पुलिस के मुताबिक पांच गांव के सरपंचों और किशोर पांडे नाम के एक व्यक्ति सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन दिए गए, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शवों को गांवों के बाहरी इलाकों में दफना दिया गया था और बाद में पशु चिकित्सा टीमों द्वारा पोस्टमार्टम जांच के लिए उन्हें बाहर निकाला गया। आगे की जांच जारी है।

चुनाव से पहले किया था वादा
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ उम्मीदवारों ने हाल ही में हुए पंचायत चुनावों के दौरान ग्रामीणों से आवारा कुत्तों से निजात दिलाने का वादा किया था। ग्रामीणों ने बताया, "पिछले साल दिसंबर में हुए चुनावों से पहले, कुछ उम्मीदवारों ने ग्रामीणों से वादा किया था कि वे आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या से निपटेंगे। अब वे आवारा कुत्तों को मारकर उन वादों को 'पूरा' कर रहे हैं।"

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