Manoj Yadav Arrest: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज यादव गिरफ्तार, बाराबंकी पुलिस ने की कार्रवाई

समाजवादी पार्टी के टीवी पैनलिस्ट मनोज यादव, जो मंगलवार रात से लापता बताए जा रहे थे, उन्हें बाराबंकी पुलिस ने नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया है। 11 फरवरी को दर्ज एक पुराने मामले में उन पर धमकी और अभद्र भाषा का आरोप है। आखिर क्या था वो पूरा विवाद जिसने उन्हें जेल पहुँचाया?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 13, 2026

Manoj Yadav Arrest:  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और टीवी पैनलिस्ट मनोज यादव को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा कि मनोज यादव कल रात से लापता थे, और यह एक गंभीर मामला है। पार्टी ने इस घटना को लेकर चिंता जताई और यह आरोप लगाया कि मनोज यादव की गुमशुदगी से जुड़ी जानकारी के बाद बाराबंकी के सफदरगंज थाने की पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की।

पार्टी ने लापता होने को बताया गंभीर मामला

समाजवादी पार्टी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि एक ऐसे समय में जब राजनीति में तकरार बढ़ रही है, ऐसी घटनाओं का होना चिंताजनक है। पार्टी ने आरोप लगाया कि मनोज यादव की लापता होने की घटना के पीछे कोई साजिश हो सकती है, और उनका मानना था कि इस गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं।सफदरगंज पुलिस थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनोज यादव को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, इस गिरफ्तारी के कारणों और आरोपों के बारे में पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी नहीं दी है। समाजवादी पार्टी की ओर से इसकी कड़ी निंदा की गई और इसे विपक्षी नेताओं के खिलाफ दबाव बनाने की एक कोशिश बताया गया।

सपा ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया

समाजवादी पार्टी ने मनोज यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध और उत्पीड़न का हिस्सा बताया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतंत्र में आलोचना की स्वतंत्रता को खत्म करने की कोशिश हो सकती है।सपा के अन्य नेताओं और समर्थकों ने मनोज यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। उनका कहना है कि यह एक स्पष्ट राजनीतिक कदम है, जो सरकार की असहिष्णुता को दिखाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मनोज यादव को जल्द रिहा किया जाए और उनके खिलाफ झूठे आरोपों को रद्द किया जाए।

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