
Manipur Violence : मणिपुर में जातीय तनाव के बीच कामजोंग जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 28 घरों को आग के हवाले कर दिया गया। इन घटनाओं में नगा और कुकी समुदायों की बस्तियों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। हिंसा के बाद प्रभावित परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। कई लोगों ने जंगलों और नजदीकी सैन्य शिविरों में शरण ली है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं।
पिलोंग और स्किप गांवों में खाली घरों में आगजनी
पुलिस के मुताबिक, म्यांमार सीमा के पास स्थित पिलोंग और स्किप गांवों में रविवार को अज्ञात उपद्रवियों ने नगा समुदाय के कम से कम 13 खाली घरों में आग लगा दी। अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में हुए हमलों के कारण इन घरों को पहले ही खाली कराया जा चुका था। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के कदम उठाए गए हैं। पुलिस ने कहा कि हालात पर नजर रखी जा रही है और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

चासाद गांव में कुकी समुदाय के 15 घर जलाए गए
कामजोंग जिले के चासाद गांव में शनिवार रात हिंसा की एक अन्य घटना सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध उग्रवादियों ने गांव में हमला कर कुकी समुदाय के कम से कम 15 घरों में आग लगा दी। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर जंगलों और सैन्य शिविरों में शरण लेनी पड़ी। इससे पहले दिन में हुए हमले में कुकी समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे। लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
NH-202 पर कार को बनाया निशाना, दो लोग घायल
उखरुल जिले में रविवार सुबह गोलीबारी की घटना भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, लिटन थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर ग्वालताबी और महादेवा के बीच जा रही एक कार पर हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इस घटना में दो लोग घायल हो गए। घायलों की स्थिति और हमले के पीछे की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

संयुक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, पुलिस अलर्ट
हिंसा प्रभावित इलाकों में हालात नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टीम तैनात की गई है। सुरक्षा बलों की कोशिश है कि हिंसा को फैलने से रोका जाए और प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है।
उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने जताई चिंता
मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने चासाद गांव में हुई हिंसा की निंदा की है। उन्होंने एक व्यक्ति की मौत पर दुख जताया और घायल ग्रामीणों तथा विस्थापित परिवारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने घरों में आगजनी को अक्षम्य अपराध बताते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

कामजोंग मुख्यालय में भी हमले, जातीय तनाव बरकरार
शनिवार रात कामजोंग जिला मुख्यालय में हुई एक अन्य घटना में तांगखुल नगा समुदाय के तीन लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, हथियारबंद समूहों के हमले में ये लोग घायल हुए। राज्य के कई जिलों में फरवरी से जारी कुकी-नगा जातीय झड़पों में 50 से अधिक लोगों की मौत होने और कई घर जलाए जाने की जानकारी सामने आई है। मौजूदा घटनाओं के बाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली और नागरिकों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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