Manikarnika Ghat Dispute: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद यूपी की सियासत फिर गरमा गई है। ओडिशा के भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव से जब इस मामले पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बीजेपी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा को हेरिटेज और इतिहास का महत्व नहीं समझ आता, और वह इतिहास मिटाकर अपने हिसाब का इतिहास बनाना चाहती है।अखिलेश ने कहा कि काशी का मंदिर बहुत सुंदर था और इसके संरक्षण के लिए दुनिया भर के उदाहरण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पूर्वजों की चीजों को संरक्षित करने की बजाय तोड़ देती है, और यह पहली बार नहीं हुआ। उनके मुताबिक, शायद किसी राजा ने धरती पर इतने मंदिर नहीं तोड़े जितने भाजपा ने पौराणिक मंदिरों को तोड़ा।
वाराणसी न क्योटो बना, न काशी रही
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा ने वाराणसी का बुरा हाल कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वाले मंदिर बनाने में भी हस्तक्षेप करते हैं। उन्होंने कहा कि जो कुछ तोड़ा जाता है, उसका फायदा किसी ठेकेदार को पहुंचता है और मुनाफा कमाने के लिए मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।इसके जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वाराणसी में कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया। उन्होंने कांग्रेस पर शहर और मंदिर को बदनाम करने का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भारत की विरासत का सम्मान नहीं किया और न ही काशी के विकास में सहयोग किया। उन्होंने याद दिलाया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के दौरान भी इसी तरह की स्थिति बनी थी।
गौहत्या में BJP के कार्यकर्ताओं पर आरोप
अखिलेश यादव ने गौहत्या के मामले में भी भाजपा पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता मुस्लिम समुदाय के नौजवानों को फंसाने में शामिल रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि उनका चुनाव क्षेत्र में एक युवक को पैसे देकर जानवर का मांस मंदिर में डालने के लिए कहा गया। जब युवक ने मना किया, तो भाजपा कार्यकर्ता ने पुलिस का नाम लेकर दबाव बनाया। इसके परिणामस्वरूप दंगे हुए और 18 भाजपा कार्यकर्ता जेल गए।अखिलेश ने कहा कि गौहत्या पर कानून है और सरकार को उसका पालन सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही जनता को भी जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए सांप्रदायिक मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाना आसान है।
भाजपा के नेताओं पर तीखे शब्द
अखिलेश ने कहा कि यूपी में भाजपा के बहुत अनुभवी नेता हैं, जो कानून और व्यवस्था का उल्लंघन कर चुके हैं। उन्होंने हास्यपूर्ण अंदाज में कहा कि खांसी की दवा में कोडीन तक बेचने का मामला सामने आया, और भाजपा वाली दवा कभी लेना सुरक्षित नहीं है।मणिकर्णिका घाट विवाद ने फिर यूपी में राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप को जन्म दिया है। सपा प्रमुख और सीएम दोनों ही अपनी-अपनी पार्टी के दृष्टिकोण से स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं। अखिलेश ने भाजपा पर इतिहास, कानून और सांप्रदायिकता के मामलों में गंभीर आरोप लगाए, जबकि योगी ने इसे राजनीतिक आरोप बताते हुए काशी के विकास और सौंदर्यीकरण पर जोर दिया।
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