Bengal Politics: ममता बनर्जी ने BJP को दी खुली चुनौती, बोली- अब जनता देगी अनुमति

ममता बनर्जी ने कोलकाता में टीएमसी छात्र संगठन की रैली में भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पुलिस कार्रवाई, रैलियों की अनुमति और SIR के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर सवाल उठाए। ममता ने कहा कि अनुमति नहीं मिली तो वह पैदल जनता के बीच जाएंगी और रेहड़ी-पटरी वालों के पुनर्वास की मांग की।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 28, 2026

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित तृणमूल कांग्रेस छात्र संगठन की रैली में भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, पुलिस की भूमिका और विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।

ममता बनर्जी ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस का एक मानवीय चेहरा था, लेकिन भाजपा के शासन में पुलिस को कथित तौर पर ‘राक्षस’ बना दिया गया है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर पुलिस अत्याचार का आरोप लगाते हुए कहा कि वह ऐसे मामलों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।

बंगाल में पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक डर का आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में बांटने वाली राजनीति को बढ़ावा दे रही है और लोगों के बीच डर पैदा करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और समर्थकों को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा है।

टीएमसी प्रमुख ने यह भी कहा कि वह जल्द ही पूरे पश्चिम बंगाल का दौरा शुरू करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर प्रशासन उन्हें सार्वजनिक सभाएं करने की अनुमति नहीं देता है, तो वह सड़कों पर पैदल चलकर लोगों तक पहुंचेंगी।

बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों को लेकर ममता की चेतावनी

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तृणमूल कांग्रेस नेताओं पर कथित हमलों का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह देखना चाहती हैं कि भाजपा के पास कितने अंडे और ईंटें जमा हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक टकराव के बीच एक आक्रामक चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।

रैली की अनुमति पर ममता बनर्जी का नया ऐलान

ममता बनर्जी ने प्रशासन की ओर से रैलियों और सार्वजनिक सभाओं की अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वह हर बार सभा की अनुमति के लिए अदालत का रुख कर न्यायिक व्यवस्था का समय बर्बाद नहीं करना चाहतीं।

‘अब जनता से अनुमति लेकर करेंगे सभा’

ममता बनर्जी ने कहा कि अब तृणमूल कांग्रेस उन इलाकों में जनता की अनुमति लेकर सभाएं करेगी, जहां प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी जाती। उनका कहना था कि अगर जनता उनके साथ है तो उन्हें लोगों के बीच जाने से कोई नहीं रोक सकता।

ममता बनर्जी ने SIR और मतदाता सूची पर भी उठाए सवाल

टीएमसी प्रमुख ने निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनावों को भाजपा ने निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल करके ‘हाइजैक’ किया था।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लाखों नाम कथित तौर पर अवैध तरीके से हटाए गए और वोटों को प्रभावित करने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह का बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है।

कथित बेदखली अभियानों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में चल रहे कथित बेदखली अभियानों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फुटपाथों से रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके साथ उनका उचित पुनर्वास भी होना चाहिए।

ममता बनर्जी ने कहा कि यदि सरकार रेहड़ी-पटरी वालों का पुनर्वास नहीं कर सकती, तो उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। उनके इस बयान ने सड़क किनारे कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के मुद्दे को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

ममता बनर्जी के इन बयानों से साफ है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज हो रहा है। पुलिस कार्रवाई, रैलियों की अनुमति, मतदाता सूची और बेदखली अभियान जैसे मुद्दों को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच आने वाले दिनों में बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।