Mallikarjun Kharge Gujarat Illiterate Comment: केरल की 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले सूबे की सियासी फिजां में अचानक कड़वाहट घुल गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इडुक्की में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए गुजरात की जनता के खिलाफ एक ऐसी विवादित टिप्पणी कर दी है, जिसने पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। खड़गे के इस बयान के बाद कांग्रेस चौतरफा घिरती नजर आ रही है।
इडुक्की में कांग्रेस अध्यक्ष की विवादित टिप्पणी
इडुक्की की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केरल की जनता की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के नागरिक ‘शिक्षित और चतुर’ हैं, जिन्हें आसानी से गुमराह नहीं किया जा सकता। लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने एक विवादित तुलना करते हुए कहा कि गुजरात और अन्य राज्यों के लोग कम जागरूक होने के कारण आसानी से भ्रमित हो जाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे गुजरात के सीधे-साधे लोगों को तो बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के साक्षर समाज में उनकी यह दाल बिल्कुल नहीं गलेगी।
दक्षिण बनाम उत्तर की राजनीति पर भाजपा का पलटवार
खड़गे के इस बयान के सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे कांग्रेस की एक ‘सोची-समझी साजिश’ और देश को तोड़ने वाली राजनीति करार दिया। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा कि यदि खड़गे को गुजरात के लोग कम पढ़े-लिखे या नासमझ लगते हैं, तो वे महात्मा गांधी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की बुद्धिमत्ता के बारे में क्या कहेंगे, जो इसी पावन धरती की संतान थे? बीजेपी का सीधा आरोप है कि कांग्रेस लगातार उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन की गहरी खाई खोदने की कोशिश कर रही है।
CM भूपेंद्र पटेल ने खड़गे के वक्तव्य को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान को अत्यंत आपत्तिजनक और घोर दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह टिप्पणी न केवल 6 करोड़ गुजरातियों के स्वाभिमान का सीधा अपमान है, बल्कि यह गांधी और पटेल की इस पवित्र भूमि की गरिमा को भी गहरी ठेस पहुंचाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, गुजरात ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है और ऐसे हताशा भरे बयान कांग्रेस की संकीर्ण और असुरक्षित मानसिकता को सरेआम उजागर करते हैं।
शहजाद पूनावाला ने विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं से पूछे तीखे सवाल
यह राजनीतिक विवाद केवल गुजरात और केरल तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली से लेकर असम और बिहार तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस की यह बहुत पुरानी आदत रही है कि जब भी वह चुनाव हारने लगती है, तो देश की महान जनता और मतदाताओं को ही कटघरे में खड़ा कर उन्हें गाली देना शुरू कर देती है। पूनावाला ने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य बड़े चेहरों जैसे अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव से भी खुलकर सवाल पूछा कि क्या वे खड़गे की इस अपमानजनक टिप्पणी का समर्थन करते हैं?










