Makar Sankranti 2026: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष यह पावन पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य देव अपनी दक्षिणायन यात्रा समाप्त कर उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है और इस दिन सूर्य पूजन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि संक्रांति की शाम घर के कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाने से जीवन से अंधकार दूर होता है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
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मुख्य द्वार पर दीपक

घर का मुख्य द्वार मां लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। संक्रांति की शाम मुख्य द्वार के दोनों ओर घी के दीपक जलाना शुभ होता है। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और परिवार में खुशहाली आती है।
ईशान कोण में रोशनी
घर का उत्तर-पूर्वी कोना, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, देवताओं का स्थान माना जाता है। यहां दीपक जलाने से घर के सदस्यों की बुद्धि तेज होती है और करियर में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। यदि इस स्थान पर पूजा घर है, तो अखंड दीपक जलाना और भी शुभ माना जाता है।
रसोई घर में दीपदान
रसोई को अन्नपूर्णा का स्थान माना गया है। संक्रांति के दिन रसोई में पीने के पानी के स्थान के पास दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पितृ देवता प्रसन्न होते हैं और घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती।
तुलसी के पौधे के पास दीपक
तुलसी का पौधा साक्षात लक्ष्मी जी का प्रतीक माना जाता है। मकर संक्रांति पर तुलसी के पास दीपक जलाने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
छत या आंगन में दीपक

मकर संक्रांति सूर्य देव को समर्पित पर्व है। इस दिन घर के खुले आंगन या छत पर दीपक जलाकर आकाश की ओर रोशनी करनी चाहिए। ऐसा करने से धन, यश और सम्मान की प्राप्ति होती है।
तिल के तेल का दीपक
संक्रांति पर तिल के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। तिल का संबंध शनि और सूर्य दोनों से है। तिल के तेल की रोशनी से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं। इसके साथ ही, घर के अंधेरे कोनों में कपूर जलाकर घुमाना भी बहुत शुभ होता है। यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर वातावरण को शुद्ध करता है।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।










