रेलवे की बड़ी चूक! 6 इंच की जगह डेढ़ फीट का गैप, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल

सागर सागर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने का करोड़ों का प्रोजेक्ट न केवल लापरवाही का नमूना बन गया है बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। रेलवे इंजीनियरों की अनदेखी और प्रोजेक्ट पर काम करने वाली निजी फर्म की लापरवाही ने यह हालात पैदा किए हैं। रेलवे स्टेशन पर स्टेशन पर 4 साल से काम चल रहा है। इसमें स्टेशन के कायाकल्प के साथ फुट रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, 3 व 4 नंबर के नए प्लेटफार्म का काम हो रहा था। रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर 2 पर भी नए सिरे से कार्य शुरू कर दिया। इस

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Published On :

मई 5, 2026

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सागर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने का करोड़ों का प्रोजेक्ट न केवल लापरवाही का नमूना बन गया है बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। रेलवे इंजीनियरों की अनदेखी और प्रोजेक्ट पर काम करने वाली निजी फर्म की लापरवाही ने यह हालात पैदा किए हैं।

रेलवे स्टेशन पर स्टेशन पर 4 साल से काम चल रहा है। इसमें स्टेशन के कायाकल्प के साथ फुट रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, 3 व 4 नंबर के नए प्लेटफार्म का काम हो रहा था। रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर 2 पर भी नए सिरे से कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान प्लेटफार्म क्रमांक 2 पर निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई। नियमानुसार ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच की जो दूरी महज 6 इंच होनी चाहिए, उसे डेढ़ फीट की दूरी पर बना दिया गया। इतने बड़े अंतर से ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों के लिए प्लेटफार्म खतरनाक हो गया।

प्लेटफार्म ऊंचा करने का प्रयोग फेल, तब भी दूसरे प्लेटफार्म पर आजमा रहे
कायाकल्प कार्य के दौरान 3 साल पहले प्लेटफार्म 1 को करीब एक फीट ऊंचा कर दिया गया है, लेकिन टीन शेड की ऊंचाई न बढऩे से यहां कई तरह की असुविधा हो रहीं हैं। पहला प्रयोग फेल होने के बाद भी अब प्लेटफार्म 2 को भी ऊंचा किया जा रहा है। ऐसे में खुद रेलवे के अधिकारी भी सवाल उठा रहे हैं कि रेलवे प्रबंधन यहां करना क्या चाह रहा है।

प्लेटफार्म 2 पर अभी शुरू नहीं होना चाहिए था काम
अभी प्लेटफार्म क्रमांक 3 और 4 नए प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं, ऐसे में यात्रियों को भारी परेशानियां हो रहीं हैं। पूरा यात्री दबाव प्लेटफार्म 2 पर ही है, ऐसे में इस प्लेटफार्म को नए सिरे से अभी बनाया ही नहीं जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार ने पूरे टीन शेड उखाड़ दिए और बेतरतीब प्लेटफार्म बना दिया, अब यहां यात्रियों को बैठने तक के लिए छाया नहीं है। ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच डेढ़ फीट का अंतर होने से यात्रियों को यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों के साथ हादसा होने की आशंका बनी हुई है। गैप इतना बड़ा है कि पैर फिसलने पर यात्री सीधे ट्रेन के पहिए के नीचे पहुंच जाएगा।

सागर स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह
प्लेटफार्म 2 पर ट्रेन के बीच गैप होने का मामला गंभीर है, इस संबंध में जबलपुर डीआरएम को अवगत करा दिया गया है। बीते दिन हुई बैठक में सभी समस्याएं रखी गईं थीं, जिस पर जबलपुर डीआरएम कमल कुमार तलरेजा ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। -मोहम्मद इरशाद, सदस्य रेलवे सलाहकार समिति पमरे जबलपुर।

सागर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म का कार्य भोपाल मंडल की टीम देख रही है। संज्ञान में मामला आया है, जिसकी रिपोर्ट बनाकर डीआरएम कार्यालय से रिपोर्ट भोपाल भेजी गई है। -हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ जबलपुर मंडल।

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