पूर्वी चंपारण में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश

पूर्वी चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने जिल में एक करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। जाली नोट मिलने से पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। दरअसल पुलिस ने यहां कोटपा प्रखंड में भोपतपुर थाने के वीरती टोला गांव में छापा मारा था। इस रेड में डीआईयू टीम के साथ पांच थानों की पुलिस शामिल थी। पुलिस की दबिश के बाद यहां से भारी मात्रा में जाली नोट मिले। छापेमारी में जाली नोट के साथ-साथ सोना के 38 बिस्किट और 13 लाख रुपए नकदी भी बरामद कि है। बताया

Wrriten By :

Editor

Published On :

जुलाई 8, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

पूर्वी चंपारण
बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने जिल में एक करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। जाली नोट मिलने से पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। दरअसल पुलिस ने यहां कोटपा प्रखंड में भोपतपुर थाने के वीरती टोला गांव में छापा मारा था। इस रेड में डीआईयू टीम के साथ पांच थानों की पुलिस शामिल थी। पुलिस की दबिश के बाद यहां से भारी मात्रा में जाली नोट मिले। छापेमारी में जाली नोट के साथ-साथ सोना के 38 बिस्किट और 13 लाख रुपए नकदी भी बरामद कि है।

बताया जा रहा है कि पुलिस ने मौके से अवैध हथियार, कारतूस और गाड़ी भी जब्त की है। पुलिस की इस रेड से इलाके में हड़कंप मच गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेड से पहले भोपतपुर कल्याणपुर इलाके की पुलिस ने घेराबंदी कर दी थी ताकि कोई भी वहां से भाग नहीं सके। इसके बाद पुलिस ने 5 संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया। इन सभी से पुलिस फिलहाल पूछताछ कर रही है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस रेड के बाद पुलिस ने जाली नोट के मुख्य सरगना सुलेमान अंसारी को भी पकड़ा है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि वो जाली नोट के धंधे के साथ-साथ असली और नकली सोने के फेरबदल के धंधे में भी शामिल था। यह भी कहा जा रहा है कि जांच टीम इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर भी जांच कर रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जाली नोट का सोर्स क्या है?

मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई SDPO सदर-1 एवं सदर-2 जितेश पांडेय के नेतृत्व में की गई थी। अभियान में दो प्रशिक्षु डीएसपी, पांच थानों की पुलिस, जिला आसूचना इकाई (DIU) और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम ने कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली और संदिग्ध सामान को अपने कब्जे में लिया। पुलिस इसकी जांच-पड़ताल मेें जुटी है।

यह भी कहा जा रहा है कि जाली नोट के धंधे से जुड़े लोग आम तौर पर लोगों का भरोसा पहले जीतते थे। इसके बाद वो कथित तौर पर पहली बार लोगों को नकली की जगह असली नोट दिया करते थे। जब कोई शख्स इन शातिरों पर भरोसा कर लेता था तब वो उसे असली नोट के बदले जाली नोट दे दिया करते थे। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।

2