हाईवे सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने को लेकर नई गाइडलाइन

पटना  बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के दोनों ओर अब मनमाने ढंग से मकान, दुकान या किसी भी तरह का व्यावसायिक ढांचा खड़ा करना मुमकिन नहीं होगा। सूबे में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए सम्राट सरकार एक बेहद सख्त नीति बनाने की तैयारी में जुट गई है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस नई नीति के तहत बिहार के भीतर राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों तरफ 15-15 मीटर की तय दूरी तक किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। राज्य सरकार का पथ निर्माण विभाग इस

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Published On :

जून 22, 2026

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पटना
 बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के दोनों ओर अब मनमाने ढंग से मकान, दुकान या किसी भी तरह का व्यावसायिक ढांचा खड़ा करना मुमकिन नहीं होगा। सूबे में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए सम्राट सरकार एक बेहद सख्त नीति बनाने की तैयारी में जुट गई है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस नई नीति के तहत बिहार के भीतर राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों तरफ 15-15 मीटर की तय दूरी तक किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। राज्य सरकार का पथ निर्माण विभाग इस बड़े प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार कर चुका है, जिस पर अमल करने के लिए अब शासन स्तर पर काफी तेज कवायद शुरू हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव
यह बड़ी पहल सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने और उसके किनारे निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगाने को लेकर दिए गए कड़े निर्देशों पर की जा रही है। पथ निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए गए इस नीतिगत प्रस्ताव पर राज्य के विभिन्न संबंधित विभागों से परामर्श लिया जा रहा है। चूंकि अतिक्रमण और सड़कों की सुरक्षा का यह गंभीर मामला सीधे तौर पर ट्रैफिक पुलिस, विधि विभाग और परिवहन विभाग से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव पर विधि विभाग समेत विभिन्न विभागों से गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही इसे पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।

शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों पर लागू होगा नियम
यह नया नियम बिहार से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों पर समान रूप से प्रभावी होगा। नीति के लागू होने के बाद हाईवे के किनारे जिसकी भी निजी जमीन होगी, वह 15 मीटर के इस दायरे के भीतर केवल रास्ता बनाने, पेड़ लगाने या खेती करने जैसे कार्यों के लिए ही भूमि का उपयोग कर सकेगा। लेकिन, इस 15 मीटर की नो-कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार का पक्का या कच्चा निर्माण कार्य करने की इजाजत कतई नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस नीति के प्रभावी होने से हाईवे पर विजिबिलिटी बेहतर होगी और हादसों में भारी कमी आएगी। मालूम हो कि वर्तमान में भी पूरे राज्यभर में एनएच से अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा लगातार बुलडोजर अभियान चलाया जा रहा है।

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