सरकार का बड़ा अपडेट: ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ में आवेदन तिथि बदली, लाभार्थियों को ₹1000 सहायता

चंडीगढ़. पंजाब में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अब इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होगा। पहले यह प्रक्रिया 13 अप्रैल, बैसाखी के दिन शुरू होनी थी, लेकिन विशेष विधानसभा सत्र के कारण तारीख में बदलाव किया गया है। सरकार की ओर से योजना की औपचारिक शुरुआत 14 अप्रैल को जालंधर के आदमपुर में आयोजित रैली के दौरान की जाएगी। प्रारंभिक चरण में सात जिलों—मुक्तसर, रोपड़, पटियाला, संगरूर, मोगा, जालंधर और फरीदकोट—को शामिल किया गया है। इनमें से अधिकांश जिले

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Published On :

अप्रैल 13, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अब इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होगा। पहले यह प्रक्रिया 13 अप्रैल, बैसाखी के दिन शुरू होनी थी, लेकिन विशेष विधानसभा सत्र के कारण तारीख में बदलाव किया गया है।

सरकार की ओर से योजना की औपचारिक शुरुआत 14 अप्रैल को जालंधर के आदमपुर में आयोजित रैली के दौरान की जाएगी। प्रारंभिक चरण में सात जिलों—मुक्तसर, रोपड़, पटियाला, संगरूर, मोगा, जालंधर और फरीदकोट—को शामिल किया गया है। इनमें से अधिकांश जिले मालवा क्षेत्र के हैं, जबकि दो जिले दोआबा क्षेत्र से संबंधित हैं।

जानें किन महिलाओं को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। खास बात यह है कि अनुसूचित वर्ग की महिलाओं को अतिरिक्त लाभ देते हुए उन्हें 1500 रुपए प्रति माह देने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने इसके लिए बजट में 9300 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया है। योजना का लाभ सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके लिए महिलाओं को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसमें मोबाइल नंबर, बैंक खाता और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। रजिस्ट्रेशन की सुविधा सेवा केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध होगी और यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क होगी।

सांसद, सरकारी नौकरी वाली महिलाएं नहीं की गई शामिल
हालांकि, कुछ वर्गों की महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, सरकारी कर्मचारी, पेंशनधारी और कर देने वाली महिलाएं शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में नौ विधानसभा क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा, इसके बाद धीरे-धीरे इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं विपक्ष इस योजना के समय और क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठा रहा है।

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