वेतन भुगतान की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का बड़ा प्रदर्शन, 25 मई को आर-पार की लड़ाई

भोपाल मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रदेशभर के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों से 25 मई को भोपाल के नीलम पार्क में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले पांच से छह महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी उपमुख्यमंत्री निवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है। 30 हजार कर्मचारी दे रहे हैं सेवाएं संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 24, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल

मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रदेशभर के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों से 25 मई को भोपाल के नीलम पार्क में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले पांच से छह महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी उपमुख्यमंत्री निवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।
30 हजार कर्मचारी दे रहे हैं सेवाएं

संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में करीब 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन, नौकरी की सुरक्षा और न्यूनतम वेतन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

निजी एजेंसियों की मनमानी और शोषण का आरोप

संघ का आरोप है कि निजी एजेंसियों और अधिकारियों की मनमानी के कारण कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। शासन द्वारा स्वीकृत राशि और कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक भुगतान में बड़ा अंतर है। कर्मचारियों को आठ से 12 हजार रुपए तक वेतन दिया जा रहा है, जबकि न्यूनतम 26 हजार रुपए मासिक वेतन की मांग लंबे समय से की जा रही है।

कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें

संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान कार्य के बदले समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा, अवकाश सुविधा, मातृत्व अवकाश और निजी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई हैं।

 

2