शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, 1.5 लाख शिक्षकों की होगी TET परीक्षा; असफल होने पर कार्रवाई संभव

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्कूली छात्रों को को पढ़ा रहे डेढ़ लाख शिक्षकों की काबिलियत जल्द ही कर्मचारी चयन मंडल परखने जा रहा है। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) कराने राजधानी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से गाइड तैयार की जा रही है। इसके आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बताया जा रहा है कि, जल्द ही परीक्षा की तारीख तय कर ली जाएगी। खास बात ये है कि, परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। आपको बता दें कि, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के चलते विभाग द्वारा ये कदम

Wrriten By :

Editor

Published On :

जून 16, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल 

मध्य प्रदेश में स्कूली छात्रों को को पढ़ा रहे डेढ़ लाख शिक्षकों की काबिलियत जल्द ही कर्मचारी चयन मंडल परखने जा रहा है। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) कराने राजधानी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से गाइड तैयार की जा रही है। इसके आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बताया जा रहा है कि, जल्द ही परीक्षा की तारीख तय कर ली जाएगी। खास बात ये है कि, परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। आपको बता दें कि, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के चलते विभाग द्वारा ये कदम उठाया जा रहा है।

हालांकि, विभाग की ये तैयारी विरोध प्रदर्शन के बीच की जा रही है। राजधानी समेंत प्रदेश के स्कूलों में 3.5 लाख शिक्षक हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर इनकी पात्रता परीक्षा कराई जाएगी। आयोजन लोक शिक्षण संचालनालय कराएगा। परीक्षा के दायरे में 2009 से पहले तक भर्ती शिक्षक हैं। इनकी संख्या डेढ़ लाख है। परीक्षा के खिलाफ शिक्षकों ने याचिका दायर की थी। जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

इन्हें रहेगी छूट
इस परीक्षा से उन शिक्षकों को छूट है जिनकी भर्ती 2009 के बाद हुई। इसके अलावा रिटायरमेंट के करीब शिक्षकों को भी इसमें बाहर रखा गया है। बाकी को इसे क्वालिफाई करना होगा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?
मामले को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक के.के द्विवेदी का कहना है कि, टीईटी के लिए प्रस्ताव तैयार हो चुका है। ये सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक किया जा रहा है। परीक्षा कर्मचारी चयन बोर्ड के द्वारा कराई जानी है। मामले में विधि विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। शिक्षक संगठनों के सुझाव भी इसमें शामिल किए जा रहे हैं।

2